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उत्तराखंडः विश्व दिव्यांग दिवस पर 20 दिव्यांग प्रतिभाओं को मिला राज्य पुरस्कार

Wed, 04 Dec 2019 10:20 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 04 Dec 2019 10:20 AM IST
सार

  • स्वरोजगार, खेल और रोजगार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर मिले पुरस्कार
  • समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य बोले-दिव्यांग प्रतिभाओं ने विश्व में दिलाई पहचान

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Uttarakhand: 20 talent received state award on World Divyang Day 2019
सम्मान पाकर खुशी से खुल उठे चेहरे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

समाज कल्याण विभाग की ओर से विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर हुए कार्यक्रम में 20 दिव्यांग प्रतिभाओं को राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया। स्वरोजगार, खेल और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने पर दिव्यांगों को पुरस्कार दिए गए। समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य ने कहा कि दिव्यांगजनों में दिव्य शक्ति विद्यमान होती है।

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प्रदेश के दिव्यांगों ने खेल, शिक्षा समेत अनेकों क्षेत्रों में विश्व में पहचान बनाई है। ये सामान्य लोगों के लिए भी प्रेरणा हैं। मंगलवार को सुभाष रोड स्थित एक वेडिंग प्वाइंट में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत एनआईईपीवीडी (राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांग सशक्तीकरण संस्थान) के छात्रों ने ‘वैष्णव जन..’ संगीत की प्रस्तुति से की। इसके बाद विभागीय निदेशक विनोद गिरी गोस्वामी ने दिव्यांगों के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी दी।
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मुख्य अतिथि समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार दिव्यांगों के सम्मान में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती। दिव्यांगों को रोजगार में आरक्षम व सरकारी परिवहन सेवाओं में निशुल्क यात्रा करने की सुविधा दी गई है। दिव्यांग संरक्षण अधिनियम में दिव्यांगों के साथ गलत व्यवहार करने वालों को कारावास व 5000 रुपये तक आर्थिक दंड का भी प्रावधान है। इसके बाद यशपाल आर्य ने दिव्यांगों को पुरस्कार व प्रमाण-पत्र प्रदान किए। 
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इसके अलावा दिव्यांग युवक-युवती से विवाह करने वाले दो लाभार्थियों को भी पुरस्कार राशि दी गई। इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजानदास, आयुक्त दिव्यांगजन मेजर योगेंद्र यादव, नोडल अधिकारी आईटी सेल हेमलता पांडेय, समाज कल्याण अधिकारी जीत सिंह रावत, सहायक समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल व कई अन्य उपस्थित रहे।
 

दिव्यांग प्रतिभाएं बन रहीं प्रेरणा

- सुनीता सिंह : शार्प मेमोरियल स्कूल फोर ब्लाइंड राजपुर रोड में शिक्षिका हैं, जो 100 फीसदी दिव्यांग हैं। शारीरिक रूप से परेशानियों के बावजूद भी उन्होंने हार नहीं मानी और शारीरिक रूप से अक्षम बच्चों के जीवन को संवारने की ठानी।
- मनदीप कौर : एक पैर से 75 फीसदी दिव्यांग हैं। वर्ष 2017 में नेशनल आर्म रेसलिंग में प्रथम रही। राज्य स्तरीय बैडमिंटन में भी स्वर्ण पदक जीता। हर किसी को प्रतिभा से प्रभावित किया।

- पंकज राणा : राणा ने इंटरनेशनल ब्लाइंड फुटबॉल में देश का नाम रोशन किया है। पंकज इंडियन ब्लाइंड फुटबॉल टीम के कप्तान भी हैं। उनके नाम कई रिकॉर्ड भी हैं। पंकज 100 फीसदी दृष्टि दिव्यांग हैं, जो एनआईईपीवीडी के छात्र हैं।
- रमेश चंद तिवारी : रमेश पैर से 45 फीसदी दिव्यांग हैं। वह आटा चक्की का व्यवसाय कर रहे हैं। व्यवसायी के रूप में उन्होंने खास पहचान बनाई है और अन्य के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।

- भुवन चंद्र गुणवंत : भुवन दोनों पैरों से 100 फीसदी दिव्यांग हैं। वह साइबर कैफे संचालित कर अपनी जीविका चला रहे हैं। उन्होंने चुनौतियों को हमेशा अवसर के रूप में लिया।
- मिन्डा संस्था : सिक्योरिटी से जुड़ी इस संस्था ने मूक-बधिर व अन्य दिव्यांगों की काबिलियत पर भरोसा करते हुए उन्हें अवसर प्रदान किए। 

- नईम अख्तर (चूल्हा रिपेयरिंग की दुकान)
- अकील अहमद खां  (पान की दुकान)
- प्रदीप कुमार (कनिष्ठ सहायक)
- सुनीता (डाटा एंट्री ऑपरेटर)
- सीमा पाल (कनिष्ठ सहायक)
- अभिनव गुप्ता (डार्क रूम सहायक)
- सौरभ गुप्ता (वोकेशनल सुपरवाइजर)
- श्याम सिंह नेगी (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी)
- मनोज सरकार (पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी)
- राजीव कुमार (रेसलर, बैडमिंटन खिलाड़ी)
- राजदीप सिंह (बैडमिंटन खिलाड़ी)
- मनोज कुमार जोशी (राष्ट्रीय पदक विजेता)
- नईम अहमद (बॉलीवॉल खिलाड़ी)
- प्रेमा विश्वास (बैडमिंटन खिलाड़ी)

टाटा कंपनी की नई बसों को लेकर आखिरकार परिवहन मंत्री ने तोड़ी चुप्पी

परिवहन निगम की ओर से टाटा कंपनी से खरीदी गई 150 बसों में से कई बसों के लीवर टूटने को लेकर मचे बवाल के बीच आखिरकार परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने पहली बार चुप्पी तोड़ी। एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे परिवहन मंत्री यशपाल आर्य से मीडिया कर्मियों ने टाटा कंपनी की नई बसों के गीयर लीवर में आए दिन उजागर हो रही खामियों को लेकर सवाल पूछे तो उन्होंने कहा कि तमाम नई बसों के संचालन पर रोक लगा दी गई है।

 

इसके साथ ही अधिकरियों को इस बात की हिदायत दी गई है कि वे बसों की खरीद के एवज में तब तक किसी भी प्रकार का भुगतान न करें, जब तब कि सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट यानी सीआईआरटी के तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा तमाम गाड़ियों की जांच करने के साथ ही कोई रिपोर्ट नहीं सौंप दी जाती है। परिवहन मंत्री ने कहा कि गीयर लीवर टूटने की घटनाओं के बीच बसों का संचालन ठीक नहीं था। कारण कि चलती बस के दौरान गीयर लीवर टूटने से हादसा होने का पूरा खतरा था।

परिवहन मंत्री ने कहा कि सीआईआरटी के विशेषज्ञों द्वारा जांच करने व रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रकरण की पूरी गंभीरता से जांच करायी जाएगी। बता दें कि प्रकरण उजागर होने के बाद यह पहला मौका है जब परिवहन मंत्री ने इस संबंध में अपना कोई बयान जारी किया है।

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