{"_id":"60cb7fe9270c562e7f17f356","slug":"uttarakhand-148-crore-released-for-corporations-municipalities-and-nagar-panchayats","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड: प्रदेश में निगमों, पालिकाओं और नगर पंचायतों के लिए 148 करोड़ जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड: प्रदेश में निगमों, पालिकाओं और नगर पंचायतों के लिए 148 करोड़ जारी
Thu, 17 Jun 2021 10:36 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 17 Jun 2021 10:36 PM IST
सार
गुरुवार को मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की मंजूरी के बाद वित्त विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए।
विज्ञापन
रुपये(प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तराखंड शासन ने राज्य वित्त आयोग के तहत प्रदेश की सभी शहरी निकायों को 2021-22 की तिमाही किस्त के रूप में 148 करोड़ 23 लाख 89 हजार रुपये की धनराशि जारी कर दी है।
विज्ञापन
गुरुवार को मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की मंजूरी के बाद वित्त विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए। यह धनराशि पांचवें राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों की प्रत्याशा में चौथे राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप जारी की गई है।
विज्ञापन
आठ नगर निगमों के लिए 65.6 करोड़, 41 नगर पालिकाओं के लिए 64.8 करोड़, 38 नगर पंचायतों के लिए 15.7 करोड़, गैर निर्वाचित निकायों (बदरीनाथ, केदारनाथ व गंगोत्री) के लिए पचास लाख और पेंशन निधि में 1.4 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
विज्ञापन
निकायों को 31 अगस्त तक खर्च करनी होगी पूर्व में मंजूर धनराशि
शासन ने शहरी निकायों के लिए पूर्व में जारी धनराशि खर्च करने की मियाद 31 अगस्त तक बढ़ा दी है। ये धनराशि निकायों को 14वें और 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत जारी हुई थी, लेकिन लॉकडाउन व अन्य कारणों से निकाय धनराशि का उपयोग निर्धारित समयावधि में नहीं कर पाए। उन्होंने कोविड का हवाला देते हुए शासन से धनराशि के उपयोग के लिए समयावधि बढ़ाने का अनुरोध किया था।
उनके अनुरोध पर शासन ने समयावधि बढ़ा दी है, लेकिन इसके साथ ही यह हिदायत भी दी है कि बढ़ाई गई अवधि में धनराशि का उपयोग न होने पर संबंधित निकाय के अधिशासी अधिकारी उत्तरदायी होंगे। निदेशक शहरी विकास विभाग समय-समय पर निकायों की धनराशि के उपयोग की समीक्षा करेंगे। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित अवधि में धनराशि का उपयोग न होने पर संबंधित निकाय के अधिशासी अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए उनका स्पष्टीकरण लेंगे और इससे वित्त विभाग को अवगत कराएंगे। उन्हें दोनों आयोगों के अलग अलग उपयोगिता प्रमाण पत्र देने होंगे।