जोशीमठ: दूसरे दिन भी सुचारु नहीं हो पाई उर्गम सड़क, 200 पर्यटक अभी भी फंसे, ग्रामीणों ने नापी मीलों दूरी पैदल
एडीबी के अधिकारियों का कहना है कि सड़क को सुचारु करने में दस दिन तक का समय लग सकता है। सड़क अवरूद्ध होने से घाटी में अभी भी करीब 200 पर्यटक और उनके वाहन फंसे हुए हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हेलंग-उर्गम मोटर मार्ग शुक्रवार को दूसरे दिन भी वाहनों की आवाजाही के लिए नहीं खुल पाया है। जिस स्थान पर सड़क ध्वस्त हुई है, वहां मशीनों के काम करने तक की जगह शेष नहीं बची है। अब एडीबी पीएमजीएसवाई की ओर से सड़क की हिल कटिंग के लिए रॉक ब्रेकर, कंप्रेशर और पोकलैंड मशीन लगवाई जाएगी।
200 पर्यटक और उनके वाहन फंसे
एडीबी के अधिकारियों का कहना है कि सड़क को सुचारु करने में दस दिन तक का समय लग सकता है। सड़क अवरूद्ध होने से घाटी में अभी भी करीब 200 पर्यटक और उनके वाहन फंसे हुए हैं। कई पर्यटक अपने वाहनों को घाटी में ही छोड़कर वापस चले गए हैं। रोजमर्रा के कार्यों के लिए आने-जाने वाले ग्रामीणों और शिक्षकों ने लंबी पैदल दूरी नापी।
गुरुवार को अपराह्न करीब एक बजे अचानक पावर हाउस के समीप उर्गम सड़क का लगभग 25 मीटर हिस्सा पूरी तरह से ध्वस्त हो गया था। जिससे घाटी के 13 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों के साथ ही यहां सैर-सपाटे के लिए पहुंचे पर्यटकों की आवाजाही भी ठप पड़ गई थी। ग्रामीणों ने इसकी सूचना जिला कंट्रोल रुम को दी और जिलाधिकारी से शीघ्र सड़क को खुलवाने की मांग की।
शुक्रवार को जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने इस संबंध में एडीबी के अधिकारियों से वार्ता कर शीघ्र सड़क को खोलने के लिए मौके पर मशीनें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। एडीबी पीएमजीएसवाई के ईई बीएन गोदियाल ने बताया कि जिस स्थान पर सड़क ध्वस्त हुई है, यहां पहले से ही सड़क पर दरार पड़ी थी। यहां मशीनों को काम करने तक की जगह नहीं बची है। सड़क की हिल साइड की दीवार भी ध्वस्त हो गई है।
तैयार की जाएगी वैकल्पिक सड़क
शनिवार को रॉक ब्रेकर, कंप्रेशर, और पोकलैंड मशीन के जरिए वाहनों की निकासी के लिए वैकल्पिक सड़क तैयार की जाएगी, जिससे घाटी में फंसे वाहनों को निकाला जा सके। उन्होंने बताया कि सड़क को पूरी तरह से सुचारु करने में करीब दस दिन तक का समय लग जाएगा।
प्रधान संगठन के अध्यक्ष अनूप सिंह नेगी और पूर्व ग्राम प्रधान लक्ष्मण सिंह नेगी ने बताया कि उर्गम घाटी के गांवों को जोड़ने वाली यह एकमात्र सड़क है। आपदा से सड़क पहले से ही तहस-नहस पड़ी हुई थी, अब पावर हाउस के समीप 25 मीटर सड़क ध्वस्त होने से लोगों के सम्मुख आवाजाही की दिक्कतें खड़ी हो गई हैं। उन्होंने बताया कि राजस्थान के कुछ पर्यटक अपने वाहनों को घाटी में ही छोड़कर पैदल ही वापस लौट गए हैं। जबकि कुछ सड़क खुलने का इंतजार कर रहे हैं।