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UPSC CSE 2023 Final Result: यूपीएससी में चमके उत्तराखंड के सितारे, होनहारों ने ऐसे पाई सफलता

Tue, 16 Apr 2024 03:14 PM IST
रेनू सकलानी माई सिटी रिपोर्टर, हरिद्वार
माई सिटी रिपोर्टर, हरिद्वार Published by: रेनू सकलानी Updated Tue, 16 Apr 2024 03:14 PM IST
सार

सिविल सेवा परीक्षा में हरिद्वार की अदिति तोमर में 247वी रैंक हासिल की है। वहीं पूर्व डीजीपी अशोक कुमार की बेटी कुहू गर्ग ने भी आईपीएस की परीक्षा पास कर ली है।

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UPSC final result 2023 Declared Haridwar Aditi Tomar gets 247th rank Uttarakhand News in hindi
अदिति तोमर और कुहू गर्ग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा (यूपीएससी) का फाइनल रिजल्ट मंगलवार को जारी किया गया। हर बार की तरह इस बार भी उत्तराखंड के सितारों ने अपनी चमक बिखेरी है। तमाम चुनौतियों और अड़चनों को पारकर उत्तराखंड के होनहारों ने अपनी कामयाबी का लोहा मनवाया। अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी व पूर्व डीजीपी अशोक कुमार की बेटी कुहू गर्ग ने 178वीं रैंक हासिल की है। इसके साथ ही कुहू ने खेल के मैदान से यूपीएससी तक का सफर तय कर लिया है।

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वहीं, दून निवासी अंशुल भट्ट ने 22वीं रैंक हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। दून के ही दीपेश सिंह ने 86वीं रैंक लाई है। उत्तराखंड के पूर्व डीजीपी अशोक कुमार की बेटी कुहू गर्ग ने 178वीं रैंक हासिल की है। देहरादून जिले में एसडीआरएफ में बतौर डिप्टी कमांडेंट विजेंद्र डोभाल के बेटे तुषार डोभाल ने भी यूपीएससी में 284वीं रैंक हासिल कर उत्तराखंड का मान बढ़ाया है। नौगांव उत्तरकाशी के मौराड़ी गांव निवासी रोमेल बिजल्वाण ने भी यूपीएससी परीक्षा में 353वीं रैंक हासिल प्रदेश का नाम रोशन किया है।
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डिप्टी कमांडेंट के बेटे तुषार ने पाई 284वीं रैंक
एसडीआरएफ में बतौर डिप्टी कमांडेंट विजेंद्र डोभाल के बेटे तुषार डोभाल ने भी यूपीएससी में 284वीं रैंक हासिल कर उत्तराखंड का मान बढ़ाया है। मूल रूप से टिहरी गढ़वाल के मरोड़ गांव के रहने वाले तुषार की शुरुआती पढ़ाई वाराणसी के एक निजी विद्यालय से हुई है। थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी से उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग की बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की। इसके लिए उनको छात्रवृत्ति भी मिली। अब यूपीएससी पास कर वे इंडियन रेवन्यू सर्विस में जाएंगे।

पहले प्रयास में रोमेल ने पास की यूपीएससी
उत्तरकाशी के नौगांव के मौराड़ी गांव निवासी रोमेल बिजल्वाण ने यूपीएससी परीक्षा में 353वीं रैंक हासिल की है। दून के द्रोणपुरी निवासी रोमेल ने पहले प्रयास में यह परीक्षा पास कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। इसके साथ ही वह यमुना घाटी के पहले व्यक्ति बन गए हैं, जिन्होंने यह परीक्षा पास की है। रोमेल ने 10वीं और 12वीं की पढ़ाई दून से ही की है। इन दोनों बोर्ड परीक्षा में भी उन्होंने 90 फीसदी से अधिक अंक हासिल किए थे। उनके पिता डॉ. राजीव बिजल्वाण ग्रामीण विकास संस्थान स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के उप निदेशक हैं, जबकि मां सविता कोटियाल उत्तराखंड राज्य आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवा में चिकित्सा अधिकारी हैं। रोमेल ने पंत नगर विश्वविद्यालय से बीटेक की पढ़ाई पूरी की।

तीसरे प्रयास में अदिति तोमर ने पास की यूपीएससी परीक्षा
हरिद्वार की बेटी अदिति तोमर ने धर्मनगरी का मान बढ़ाया है। तोमर ने तीसरे प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा पास की है। परीक्षा में उसने 247 रैंक हासिल की है। इससे परिजनों और शहर के लोगाें में खुशी का माहौल है। लोग अदिति को शुभकामना देने के लिए उनके घर पहुंच रहे हैं।

श्याम विहार कॉलोनी कनखल निवासी अदिति ने डीपीएस से दसवीं और इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण कीं। इसके बाद उसने कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई पूरी करने के बाद बंगलूरू में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी शुरू की। वह नौकरी के साथ-साथ यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी भी कर रही थीं। इससे पहले भी वह दो बार परीक्षा दी चुकी थीं, लेकिन सफलता नहीं मिली थी। उन्होंने तीसरी बार परीक्षा में अदिति बाजी मारी।

अदिति ने बताया कि वह नौकरी करते समय आठ से नौ घंटे नियमित रूप से पढ़ाई करती थीं, कोई कोचिंग नहीं है। बिना कोचिंग के सीमित किताबों से तैयारी की। बताया कि उनके भाई उत्कर्ष तोमर ने भी 2020 में यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। वे वर्तमान में लक्ष्यद्वीप में असिस्टेंट कमिश्नगर ऑफ पुलिस हैं। उन्हें भाई से प्रेरित होकर यूपीएससी की परीक्षा देने की प्रेरणा मिली।

बताया कि लक्ष्य को हासिल करने के लिए सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म जैसे, इंस्टाग्राम, फेसबुक, ट्विटर से पूरी तरह से दूरी बनाकर रखी। स्मार्ट फोन भी तीन साल तक अपने पास नहीं रखा। केवल लैपटॉप पर यूट्यूब से परीक्षा की जानकारी हासिल की। उन्होंने कहा कि उनका मकसद महिलाओं और बच्चों के जीवन में बदलाव लाना है, ताकि महिलाएं सशक्त और बच्चों का भविष्य संवर सकें।

अदिति की माता शशि प्रभा महिला महाविद्यालय सतीकुंड कनखल में प्रोफेसर हैं। पिता तेजवीर सिंह तोमर भी एसएमजेएन कॉलेज में प्रोफेसर हैं। बेटे के बाद बेटी की सफतला से माता-पिता को नाज है।

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