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16,500 उपनल कर्मी आज से हड़ताल पर

Mon, 27 Jun 2016 09:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 27 Jun 2016 09:46 AM IST
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upnl employees on strike.
हड़ताल - फोटो : demo

उपनल के माध्यम से आउटसोर्सिंग पर विभिन्न सरकारी महकमों में तैनात 16,500 कर्मचारी सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं। उपनल कर्मियों की हड़ताल से सचिवालय से लेकर तमाम महकमों में सेवाएं प्रभावित होंगी। हालांकि उपनल कर्मचारी महासंघ ने आपातकालीन सेवाएं जैसे अस्पताल की इमरजेंसी, कोषागार आदि अगले तीन दिन पर बाधित नहीं करने का निर्णय लिया है।

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महासंघ कर्मचारियों को नियमित किये जाने के साथ जिन विभागों से कर्मचारियों को निकाला गया है उन्हें दोबारा नियुक्ति करने सहित आधा दर्जन मांगों को लेकर हड़ताल पर जा रहे हैं।
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नियमतीकरण की मांग
उपनल के माध्यम से विभिन्न विभागों में प्रायोजित कर्मचारियों को हाल ही में सरकार ने तीन हजार की मानदेय वृद्धि की घोषणा तो की लेकिन उन्हें लाभ मात्र 1800 रुपये का हुआ। अब यह आउटसोर्स कर्मचारी मांग कर रहे हैं कि विभाग जब उनके तैनाती के लिए अधिक वहन कर रहा है तो उसका संपूर्ण लाभ उन्हें मानदेय में बढ़ोतरी के तौर पर मिलना चाहिए।
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पांच वर्ष से अधिक आउटसोर्सिंग में सेवाएं दे रहे कर्मचारी अब नियमित होने की मांग कर रहे हैं। महासंघ के अध्यक्ष भावेश जगूड़ी ने बताया कि सरकार के कई बार आश्वस्त करने के बावजूद उपनल कर्मचारियों की अनदेखी हो रही है। सरकार हमारे नियमितीकरण के प्रयास नहीं कर रही। अब हमारी मांग है कि पहले आउटसोर्सिंग से हटाकर हमें विभागों में सीधे संविदा पर माना जाए। जिन कर्मचारियों की सेवाएं पांच साल से अधिक हो चुकी हैं उन्हें नियमित किया जाए।


परेड ग्राउंड में चलेगी हड़ताल
इसके अलावा सीएम के आदेश के बावजूद उपनल कर्मचारियों को कई विभागों से निकाला गया है। शासनादेश में किसी भी कर्मचारी को नहीं निकाले जाने का प्रावधान हैं ऐसे में जिन कर्मचारियों का बाहर किया गया है उन्हें दोबारा सेवाओं पर रखा जाए। उन्होंने बताया कि सोमवार से बुधवार तक परेड़ ग्राउंड में हमारी हड़ताल चलेगी। इस दौरान अस्पतालों में इमरजेंसी और कोषागार जैसी आवश्यक सेवाओं को सुचारु रखेंगे, लेकिन तीन दिन के बाद अगर सरकार नहीं मानी तो तमाम सेवाएं पूरी तरह से ठप कर दी जाएंगी।

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