Unlock-1 in Uttarakhand : मनरेगा के तहत 7771 ग्राम पंचायतें श्रमिकों को देंगी रोजगार
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अनलॉक-1 में प्रदेश की 7791 ग्राम पंचायतें अब अपने पंचायत भवन, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र आदि सुधार सकेंगी और नए पंचायत भवन भी बना सकेंगी। इस काम में इन्हें 50 प्रतिशत पैसा मनरेगा के तहत खर्च करना होगा। इस तरह से ये पंचायतें करीब 500 करोड़ की लागत से होने वाले काम से श्रमिकों को रोजगार देंगी।
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कोविड-19 के तहत ग्राम स्तर पर रोजगार बढ़ाने के लिए केंद्रीय पंचायत और ग्राम्य विकास मंत्रालय ने संयुक्त रूप से इस संदर्भ में आदेश जारी कर दिया है। अपर सचिव पंचायत और निदेशक हरीश चंद्र सेमवाल ने इसकी पुष्टी की। प्रदेश में पंचायतों को इस काम के लिए करीब 515 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फंड मिला है।
पंचायतों से यह भी कहा गया है कि वे ग्राम पंचायत क्षेत्र में अन्य भवनों की मरम्मत आदि के लिए भी इस पैसे का इस्तेमाल कर सकती हैं। यह उन मामलों में से है जब दो मंत्रालयों ने संयुक्त रूप से यह आदेश जारी किया है। पंचायत मंत्री अरविंद पांडे ने भी बृहस्पतिवार को आयोजित ई पंचायत में प्रतिनिधियों से इस पैसे को खर्च करने का आग्रह किया।
स्कूल खाली करने पर काम आएगा यह खर्च
पंचायत विभाग के मुताबिक अधिकतर क्वारंटीन सेंटर स्कूलों में बनाए गए हैं। ऐसे में पढ़ाई शुरू होने पर स्कूल खाली कराने की नौबत आई तो इस पैसे का उपयोग दूसरे भवनों को क्वारंटीन सेंटर के रूप में विकसित करने के लिए किया जा सकता है।
केंद्र ने आदेश भी जारी कर दिया है और पंयायत प्रतिनिधियों को ई पंचायत में इसकी जानकारी भी दी गई। ई पंचायत में करीब 5000 ग्राम पंचायत प्रतिनिधि शामिल हुए थे। इस कदम से गांवों में रेेजगार भी बढ़ाया जा सकेगा।
- हरीश चंद्र सेमवाल, अपर सचिव पंचायत
प्रदेश में पंचायत भवनों की स्थिति
- करीब 1600 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन नहीं
- करीब दो हजार पंचायत भवनों को मरम्मत की जरूरत
- करीब बीस लाख अधिकतम खर्च कर सकतीर हैं पंचायत
इस तरह हुआ पैसे का इंतजाम
-258 करोड़ रुपया है 14वें वित्त आयोग का जिसका उपयोग नहीं किया गया है। इस पैसे का उपयोग पंचायतें कर सकती हैं।
-15वें वित्त आयोग ने 257 करोड़ रुपये अनटाइड फंड के तहत प्रदेश की पंचायतों को दिया है। जल्द ही यह पैसा भी जारी होगा। इस पैसे का उपयोग भी पंचायतें कर सकती हैं।
स्वरोजगार से जुड़ने वालों के लिए मुख्यमंत्री की अनूठी पहल
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने को स्वरोजगार के प्रेरणास्त्रोत मुहिम शुरू की है। मुख्यमंत्री अपना व्यवसाय शुरू करने वाले युवाओं के बारे में ट्वीट कर अन्य लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। उनके ट्वीट में स्वरोजगार से जुड़ने वाले व्यक्तियों का वीडियो भी अटैच है।
मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को बागेश्वर जिले के कांडा तहसील के कंडेकणयाल गांव के 24 वर्षीय पवन को लेकर ट्वीट किया। दिल्ली से लौटे पवन ने वापस जाने के बदले अपने ही क्षेत्र में एक सैलून खोल दिया। इससे न केवल उन्होंने स्वरोजगार सृजित किया बल्कि एक और व्यक्ति को रोजगार भी दिया। मुख्यमंत्री ने ट्वीट में लिखा है कि स्वरोजगार के प्रेरणास्त्रोत मुहिम से जुड़कर पवन सरीखे लोगों की कहानियां उजागर कर दूसरों लोगों को स्वरोजगार की तरफ प्रेरित करें। कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता। जरूरत है पवन जैसे प्रयोग के माध्यम से अधिकाधिक युवक स्वरोजगार से जुड़ें।
उन्होंने एक ट्वीट कल्जीखाल के डांग गांव के अनुज बिष्ट के बारे में भी किया है। अनुज ने अपने क्षेत्र में पोल्ट्रीफार्म खोला है। मुख्यमंत्री ने लिखा है कि अनुज का यह सफल प्रयास प्रदेश के अन्य युवाओं को भी जागृत कर प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि आप सभी अपने अपने संबंधित जिले में जिलाधिकारी से मिलकर मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का लाभ उठा सकते हैं। युवा न केवल खुद स्वरोजगार से जुड़ें बल्कि और को भी रोजगार दें।