फसलों को जंगली जानवरों के आतंक से बचाएगी अनोखी मशीन, जानिए इसकी खूबियां
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अगर आप भी किसान हैं और खेतों में जानवरों के आतंक से परेशानी हैं तो यह खबर आपके लिए है। बाजार में एक नए तरह की हाईटेक मशीन आई है जो जानवरों के आतंक से फसल को बचाएगी।
तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अंतर्गत एक किसान फसल रक्षक मशीन की मदद से खेतों में खड़ी फसल को जंगली जानवरों से बचा रहा है। इस मशीन की खूबी यह है कि बेहद कम लागत में कई एकड़ खेतों को जानवरों से बचाया जा सकता है। विभाग अब इस मशीन को तराई प्रभाग के साथ ही दूसरी डिवीजनों में भी इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है।
तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अंतर्गत काशीपुर के भोगपुर डैम निवासी किसान दर्शन सिंह ने फसलों की रक्षा के लिए फसल रक्षक मशीन इस्तेमाल कर रहा है। बैट्री से चलने वाली इस मशीन की लागत सोलर तार बाड़ से 90 गुना तक कम है।
दर्शन सिंह के मुताबिक 10 एकड़ के खेत में महज 50 हजार की लागत में मशीन और तार बाड़ कर दी गई। वहीं मशीन बैट्री से संचालित होती है इसलिए वन्य जीवों को बिजली का झटका तो महसूस होता है लेकिन यह जानलेवा नहीं है। इस मशीन की बैट्री सौर ऊर्जा और बिजली से चार्ज करने की व्यवस्था है।
मशीन इस तरह करती है काम
वहीं वन विभाग एक किमी की हाथी दीवार बनाने में 60 लाख, सुअर दीवार में 40 लाख और एक किमी सोलर फेंसिंग में ही 7-8 लाख रुपये खर्च कर देता है। इस मशीन के इस्तेमाल पर विभाग बजट की कमी का रोना भी नहीं रो सकेगा।
इधर तराई पश्चिमी वन प्रभागीय अधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सनवाल इस मशीन का तराई पश्चिमी व हल्द्वानी में डेमो करने की योजना बना रहे हैं साथ ही इस मशीन का कुमाऊंव गढ़वाल मंडल के पर्वतीय जिलों में भी इस्तेमाल का प्रस्ताव बनाया है।
मशीन इस तरह करती है काम
खेत के चारों तरफ तार बाड़ लगाकर मशीन को कनेक्ट कर दिया जाता है। यह मशीन हर समय आवाज करती रहती है, जब कोई जानवर टकराता है तो जानवर को झटका मारने के साथ-साथ आवाज तेज कर देता है। इस पर खेतों की चौकीदारी में लगे पहरेदार चौंकन्ना होकर फसलों की रक्षा भी कर सकते हैं।