उत्तराखंड में 14.2 फीसदी पहुंची बेरोजगारी की दर, एनएसओ के सर्वे से हुआ खुलासा
- 2003-04 की तुलना में सात गुना अधिक, एनएसओ के सर्वे से हुआ खुलासा
- बेरोजगारी दर 14.2 प्रतिशत, मानव विकास रिपोर्ट में बताई गई थी 4.1 प्रतिशत
- पिछले साल 86 हजार युवाओं ने कराया सेवायोजन कार्यालयों में पंजीकरण
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रोजगार वर्ष के बीच में उत्तराखंड सरकार को प्रदेश में तेजी से बढ़ती बेरोजगारी भी चिंतित कर सकती है। केंद्रीय श्रम बल सर्वेक्षण में प्रदेश में बेरोजगारी दर करीब 14 प्रतिशत आंकी गई है। 2017 में प्रदेश के नियोजन विभाग की ओर से किए गए सर्वे में सामने आई बेरोजगारी दर से यह करीब तीन गुना अधिक है।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ओर 2019 मार्च तक किए गए सर्वे से प्रदेश में बेरोजगारी का यह आंकड़ा निकल कर आया है। इससे पहले 2017 में प्रदेश के नियोजन विभाग ने मानव विकास रिपोर्ट तैयार करते समय भी प्रदेश में बेरोजगारी को लेकर सर्वे किया था।
2019 में जारी इस रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में बेरोजगारी दर 4.2 है। 2003-04 में यह दर मात्र 2.1 प्रतिशत थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि प्रदेश में किसी न किसी तरह के रोजगार में लगे लोगों की संख्या (वर्क पार्टिसिपेशन ) करीब 45 प्रतिशत है।
अब एनएसओ के श्रम बल सर्वे से साफ हो रहा है कि प्रदेश में बेरोजगारी इससे कहीं अधिक है। रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2019 में प्रदेश में बेरोजगारी दर 14.2 पाई गई। उस समय बेरोजगारी का राष्ट्रीय औसत 9.2 प्रतिशत था। कुल काम करने वाले लोगों का प्रतिशत भी मात्र 23 पाया गया। इस हिसाब से प्रदेश में 2003-04 की तुलना में बेरोजगारी सात गुना हो गई।
मानव विकास रिपोर्ट में कहां हुई चूक
नियोजन विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक मानव विकास रिपोर्ट को तैयार करते समय अलग-अलग समय में रोजगार की उपलब्धता का ध्यान नहीं रखा गया। अप्रैल से जून के बीच में यह सर्वे हुआ। यह दौर प्रदेश में चार धाम यात्रा का भी है। चार धाम यात्रा के दौरान प्रदेश में रोजगार की उपलब्धता बढ़ जाती है। इस कारण बेरोजगारी दर अंडर रिपोर्ट हुई होगी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने प्रदेश के 96 ब्लॉक में 750 परिवारों के बीच अलग-अलग समय में चार बार सर्वे कर बेरोजगारी और रोजगार की रिपोर्ट तैयार की।
खेती किसानी पर सबसे अधिक मार
प्रदेश के अलग-अलग तीन सेक्टरों और हिमाचल प्रदेश से तुलना करने पर प्रदेश में बेरोजगारी के कारण भी सामने उभर कर आ रहे हैं। प्रदेश में खेती किसानी से कमाने वाले लोगों की संख्या सबसे कम है। सेवा क्षेत्र में सबसे अधिक और उद्योगों में इससे कम है।
कहां कितना मिल रहा है रोजगार...........
सेक्टर उत्तराखंड हिमाचल
कृषि 5.98 7.15
उद्योग 30.85 40.67
सेवा क्षेत्र 63.18 52.19
सरकार की कोशिश
- रोजगार वर्ष में अधिक से अधिक सरकारी नौकरी, करीब 56 हजार पद खाली, 28 हजार पदों पर तैनाती की कोशिश।
- मुद्रा योजना - दिसंबर 2018 तक करीब दो लाख लोगों को 2877 करोड़ का कर्ज दिया गया।
- 1.24 लाख करोड़ का नया पूंजी निवेश, तीन लाख रोजगार की उम्मीद।
सेवा योजन कार्यालयों में 86 हजार ने कराया पंजीकरण
- प्रदेश के सेवायोजन कार्यालयों में सात लाख से अधिक युवाओं ने पंजीकरण कराया हुआ है। प्रदेश सरकार की ओर से जारी की गई आर्थिक सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक 2019-20 में 86 हजार युवाओं ने पंजीकरण कराया है।