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UKSSSC Paper Leak: तीन के खिलाफ आरोप तय करने का रास्ता साफ; अनुचित साधनों के इस्तेमाल का आरोप

Tue, 11 Aug 2026 10:20 PM IST
Alka Tyagi माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून Published by: Alka Tyagi Updated Tue, 11 Aug 2026 10:20 PM IST
सार

अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार 21 सितंबर 2025 को आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा में मोहम्मद खालिद भी अभ्यर्थी था। परीक्षा के दौरान खालिद ने प्रश्नपत्र के तीन पन्नों की फोटो खींची और उन्हें व्हाट्सएप के जरिये सुमन के मोबाइल नंबर पर भेजा।

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UKSSSC Paper Leak Way cleared to frame charges against three individuals accused of using unfair means
कोर्ट में जाता खालिद - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी(फाइल फोटो)

विस्तार

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल के मामले में विशेष न्यायाधीश (सीबीआई) देहरादून मदन राम की अदालत ने सुमन, मोहम्मद खालिद और साबिया के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त आधार माना है। अदालत ने पत्रावली को आरोप विरचन के लिए 18 अगस्त को पेश करने के निर्देश दिए हैं।

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अदालत के समक्ष सुमन की ओर से बचाव में कहा गया कि वह प्रश्नपत्र लीक करने या परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल में शामिल नहीं थी। उसका कहना था कि मोहम्मद खालिद ने व्हाट्सऐप पर बताया था कि उसकी बहन की परीक्षा है और उससे 20 बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर मांगे थे। सुमन ने प्राप्त प्रश्नों में से कुछ के उत्तर खालिद के नंबर पर भेजे थे। बाद में बातचीत के दौरान उसे पता चला कि उस दिन उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय परीक्षा हो रही थी।
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सीबीआई ने इस दलील का विरोध करते हुए कहा कि सुमन को भेजे गए प्रश्नपत्र के पन्नों पर परीक्षा का क्यूआर कोड अंकित था। इसके बावजूद उसने प्रश्नपत्र और उत्तर वाले व्हाट्सएप संदेश अपने मोबाइल से तत्काल डिलीट कर दिए और घटना की जानकारी पुलिस को देने के बजाय बाॅबी पंवार को भेजी।

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अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार 21 सितंबर 2025 को आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा में मोहम्मद खालिद भी अभ्यर्थी था। खालिद का परीक्षा केंद्र बहादुरपुर जट स्थित आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज था, जहां 432 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। रिकॉर्ड के मुताबिक परीक्षा के दौरान खालिद ने प्रश्नपत्र के तीन पन्नों की फोटो खींची और उन्हें व्हाट्सएप के जरिये सुमन के मोबाइल नंबर पर भेजा। सुमन ने करीब 11:35 बजे उनमें से कुछ प्रश्नों के उत्तर खालिद के नंबर पर भेजे। इसके बाद सुमन ने खालिद को फोन किया, जिसे उसकी बहन साबिया ने उठाया। बातचीत में परीक्षा को लेकर सवाल-जवाब भी हुए।

अदालत ने कहा कि बातचीत और उपलब्ध दस्तावेजों से यह संभावना सामने आती है कि सुमन को खालिद के परीक्षा में बैठने की जानकारी नहीं थी, लेकिन परीक्षा की तारीख की सुबह उसे मिले संदेशों से यह स्पष्ट था कि उस दिन कोई प्रतियोगी परीक्षा हो रही थी। उसके मोबाइल पर भेजे गए प्रश्नपत्र के पन्नों से भी यह स्पष्ट था कि वे वास्तविक परीक्षा के प्रश्नपत्र थे और उन पर क्यूआर कोड अंकित था। सीबीआई की जांच के बाद मोहम्मद खालिद, साबिया और सुमन के खिलाफ उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) अधिनियम के तहत आरोपपत्र दाखिल किया गया है। अदालत ने माना कि आरोप तय करने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं।

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