{"_id":"638f5180b00b54096c0e1f7c","slug":"uksssc-paper-leak-case-one-more-accused-arrested-and-19-got-bail-till-now","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uksssc Paper Leak Case: हाकम का साथी पशुधन प्रसार अधिकारी दबोचा, अब तक 43 लोग हो चुके गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uksssc Paper Leak Case: हाकम का साथी पशुधन प्रसार अधिकारी दबोचा, अब तक 43 लोग हो चुके गिरफ्तार
Tue, 06 Dec 2022 09:04 PM IST
अलका त्यागी
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Tue, 06 Dec 2022 09:04 PM IST
सार
गिरफ्तार आरोपी मनोज वर्तमान में सहारनपुर में पशुधन प्रसार अधिकारी के पद पर तैनात है। इस मामले में एसटीएफ अब तक 43 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
विज्ञापन
यूकेएसएसएससी पेपर लीक केस में आरोपी गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग(यूकेएसएसएससी ) पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने मंगलवार को 43वीं गिरफ्तारी की है। अब सहारनपुर का पशुधन प्रसार अधिकारी हत्थे चढ़ा है। आरोपी ने करीब 15 लोगों को धामपुर में बने सेंटर में पेपर हल कराया था। इसके लिए उसने प्रत्येक अभ्यर्थी से 15-15 लाख रुपये लिए थे। आरोपी हाकम सिंह गैंग का गुर्गा है।
विज्ञापन
एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि स्नातक स्तरीय परीक्षा की जांच में बहुत से नए तथ्य भी सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में सहारनपुर के एक पशुधन प्रसार अधिकारी मनोज कुमार चौहान का नाम भी सामने आया था। एसटीएफ ने उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
विज्ञापन
Rudrapur: महिला मित्र संग घूमने वालों के वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार
विज्ञापन
टीम ने उसे मंगलवार को गिरफ्तार भी कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह हाकम सिंह के दोस्त केंद्रपाल का साथी है। उसने इंजीनियर ललित मोहन शर्मा के मकान में 15 अभ्यर्थियों को पेपर हल कराया था। आरोपी ऊधमसिंह नगर के जसपुर क्षेत्र के गांव कासमपुर का रहने वाला है। उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
15 लाख में से खुद रखता था पांच लाख रुपये
एसटीएफ एसएसपी ने बताया कि आरोपी ने इस धंधे में बहुत सा अवैध धन जोड़ा है। उसने जिन अभ्यर्थियों से 15-15 लाख रुपये लिए उनमें से वह पांच-पांच लाख रुपये खुद रखता था। ऐसे में उसने करीब 70 से 75 लाख रुपये कमाए हैं। उसकी संपत्तियों की जांच भी की जा रही है। इसके अलावा अभ्यर्थियों से भी पूछताछ की जा रही है कि वह मनोज के संपर्क में किस माध्यम से आए थे।
खुद की भर्ती भी संदिग्ध
आरोपी पशुधन अधिकारी को वर्ष 2019 में नौकरी मिली थी। बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार की इस नौकरी को पाने के लिए भी उसने गड़बड़ी की है। ऐसे में सहारनपुर में उसके विभाग से भी जानकारी जुटाकर उत्तर प्रदेश सरकार को अवगत कराया जाएगा।