फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   UKSSSC Paper leak case Government asked for evidence for trial of five including former secretary Badoni

Dehradun: पेपर लीक मामला, आयोग के पूर्व सचिव संतोष बडोनी समेत पांच पर मुकदमे के लिए शासन ने मांगे ठोस सुबूत

Sat, 15 Oct 2022 06:46 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sat, 15 Oct 2022 06:46 PM IST
सार

UKSSSC Paper Leak Case: विजिलेंस के प्रस्ताव पर चर्चा की गई लेकिन विजिलेंस के पास मुकदमे लायक ठोस साक्ष्य नहीं थे। पुख्ता साक्ष्य होने पर ही ठोस कार्रवाई की जाएगी। शासन ने विजिलेंस को कुछ और पर्याप्त साक्ष्य जुटाने को कहा है।

विज्ञापन
UKSSSC Paper leak case Government asked for evidence for trial of five including former secretary Badoni
यूकेएसएससी - फोटो : UKSSSC:

विस्तार

पेपर लीक मामले में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पूर्व सचिव संतोष बडोनी समेत पांच लोगों पर मुकदमे के लिए शासन ने पुख्ता सुबूत मांगे हैं। सतर्कता समिति की बैठक में मुकदमे के लिए जरूरी साक्ष्यों को जुटाने के लिए विजिलेंस को निर्देशित किया गया है। इसके बाद ही मुकदमा दर्ज करने की अनुमति दी जा सकती है।

विज्ञापन


आयोग की स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में एसटीएफ की रिपोर्ट के बाद पुलिस मुख्यालय ने आयोग के अधिकारियों के खिलाफ विजिलेंस जांच की सिफारिश की थी। शासन ने पूर्व सचिव संतोष बडोनी, परीक्षा नियंत्रक एनएस डांगी, अनुभाग अधिकारी बृजलाल शाह, दीपा जोशी और कैलाश शाह की जांच विजिलेंस के हवाले कर दी थी। विजिलेंस बीते डेढ़ माह से इस मामले में जांच कर रही है। कुछ दिन पहले ही वित्तीय अनियमितताओं की बात सामने आ गई थी। 
विज्ञापन


इस पर विजिलेंस ने शासन से इन पांचों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की अनुमति मांगी थी। इसके लिए शुक्रवार को शासन में मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु की अध्यक्षता में सतर्कता समिति की बैठक हुई। इसमें अपर मुख्य सचिव गृह राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन आदि अधिकारी मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

पुख्ता साक्ष्य होने पर ही ठोस कार्रवाई 
विजिलेंस के प्रस्ताव पर चर्चा की गई लेकिन विजिलेंस के पास मुकदमे लायक ठोस साक्ष्य नहीं थे। शासन ने विजिलेंस को कुछ और पर्याप्त साक्ष्य जुटाने को कहा है। इसके बाद ही मुकदमे की अनुमति दी जाएगी। शासन का मानना है कि इस मामले को हल्के में दर्ज नहीं किया जा सकता है। पुख्ता साक्ष्य होने पर ही ठोस कार्रवाई की जाएगी।

ये भी पढ़ें...उत्तराखंड विधानसभा भर्ती घोटाला: नियुक्त कर्मचारियों को हटाने के सरकार के निर्णय पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। इसमें कुछ कागजों की कमी थी। इसे दो-तीन दिन के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद दोबारा मुकदमे की अनुमति मांगी जाएगी।
-अमित सिन्हा, डायरेक्टर विजिलेंस  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed