Uksssc: कंपनी की प्रेस के कर्मचारियों ने ही रचा था नकल का खेल, तीन महीने में कर डाले दो परीक्षाओं के पेपर लीक
प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारियों को जब गिरफ्तार किया गया तो अधिकारियों से भी पूछताछ हुई, लेकिन अभी तक की जांच में अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध नहीं पाई गई है।
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उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की आउटसोर्स कंपनी आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशन की प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारियों ने ही सचिवालय रक्षक भर्ती और स्नातक स्तरीय परीक्षा के पेपर लीक किए थे। प्लान इतना फुल प्रूफ था कि उन्होंने तीन महीने में बिना किसी को भनक लगे दो परीक्षाओं के पेपर चोरी कर लिए।
सूत्रों के अनुसार प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारियों को जब गिरफ्तार किया गया तो कई अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ हुई। कंपनी के निदेशक राजेश कुमार को भी देहरादून बुलाकर एसटीएफ ने पूछताछ की थी। लेकिन शिकंजा सिर्फ छोटे कर्मचारियों पर ही कसा गया। दरअसल, लगभग एक माह से स्नातक स्तरीय परीक्षा में पेपर लीक की जांच चल रही थी। सबसे पहले आउटसोर्स कंपनी की प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारी जयजीत और फिर अभिषेक का नाम सामने आया था।
इन्होंने टेलीग्राम के माध्यम से पेपर अपने अन्य साथियों तक पहुंचाया और इसके बाद इसकी खरीद फरोख्त शुरू हो गई थी। अभ्यर्थियों को पेपर 15 से 20 लाख रुपये तक में बेचा गया। इस जांच के दौरान सचिवालय रक्षक भर्ती परीक्षा में भी ऐसा खेल सामने आया। यह परीक्षा स्नातक स्तरीय परीक्षा से तीन माह पहले हुई थी। एसटीएफ के अनुसार, पेपर पेन ड्राइव के माध्यम से जयजीत ने साथियों तक पहुंचाया था। इसे भी जयजीत ने पेपर के सेट बनाते समय अपनी पेन ड्राइव में ले लिया था। जयजीत प्रिंटिंग प्रेस में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर काम करता है। अब तक कंपनी के तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनकी गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने अफसरों को पूछताछ के लिए बुलाया था। उनसे दस्तावेज मांगे गए थे। एसटीएफ के सूत्रों के मुताबिक कंपनी के इन कर्मचारियों को जो जिम्मेदारी मिली थी, उसका उन्होंने दुरुपयोग किया है।
बता दें कि दोनों परीक्षाओं में हुई धांधली में इन कर्मचारियों को ही मुख्य आरोपी बनाया गया है। धांधली इतने पैमाने पर होने के बावजूद अब तक कंपनी के किसी भी बड़े अधिकारी पर शिकंजा नहीं कसा जा सका है।
आरएमएस को दिया था दोनों पेपर छापने का ठेका
स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में घिरी कंपनी आरएमएस ने ही रक्षक भर्ती का प्रश्न पत्र भी छापा था। दोनों पेपर कंपनी ने एक ही प्रिंटिंग प्रेस में छापे थे। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का दावा भले ही चार कंपनियों से परीक्षा सामग्री प्रकाशित करवाने का रहा हो लेकिन बेहद कम अंतराल पर हुई दो परीक्षाओं के पेपर आयोग ने एक ही कंपनी आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशंस से छपवाए। लखनऊ की इस कंपनी ने पहले 29 सितंबर को हुई सचिवालय सुरक्षा संवर्ग की रक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर छापा। इसके बाद चार-पांच दिसंबर को हुई स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा का पेपर प्रकाशित किया। पहले स्नातक स्तरीय भर्ती के पेपर लीक का पटाक्षेप हुआ और इसके बाद अब रक्षक भर्ती का पर्चा लीक होने का राज भी खुल गया।
रक्षक भर्ती से हुआ ट्रायल, स्नातक स्तरीय में बड़ा खेल
माना जा रहा है कि रक्षक भर्ती परीक्षा से पेपर लीक करने का ट्रायल हुआ। पेन ड्राइव के माध्यम से प्रिंटिंग प्रेस से ही पेपर की कॉपी को बाहर भेजा गया। माना जा रहा है कि नकल माफियाओं ने छोटी परीक्षा होने के नाते पेपर लीक को सुरक्षित आंका था। इसके बाद स्नातक स्तरीय परीक्षा में बड़े पैमाने पर खेल किया गया। इस बार पेन ड्राइव के बजाय टेलीग्राम ऐप के माध्यम से पेपर लीक किया गया।