आधार कार्ड के करेक्शन में नहीं होगा कोई झंझट, बिना डॉक्यूमेंट के हो जाएगा काम
- यूआईडीएआई ने लोगों की परेशानी को देखते हुए सरल किए नियम
- राजपत्रित अधिकारी या जनप्रतिनिधि द्वारा प्रमाणित पत्र मान्य होगा
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आधार कार्ड में करेक्शन कराने को डॉक्यूमेंट्स में उलझे लोगों को यूनिक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) ने कुछ राहत दी है। यूआईडीएआई ने नाम व पते में संशोधन के लिए डॉक्यूमेंट की बाध्यता खत्म कर दी है।
नियम को सरल बनाते हुए अब किसी भी राजपत्रित अधिकारी द्वारा प्रमाणित पत्र मान्य होगा। नये नियमानुसार, नाम व पते में संशोधन कराने के लिए राजपत्रित अधिकारी या स्थानीय जनप्रतिनिधि से निर्धारित फॉर्मेट में संबंधित पहचान संशोधन का उल्लेख करना होगा। इसके आधार पर किसी भी आधार सेवा केंद्र में सेवा ली जा सकती है।
बिना डॉक्यूमेंट्स के होगा संशोधन
इससे पहले नाम संशोधन के लिए 10वीं व 12वीं की मार्क्स-शीट व अन्य डॉक्यूमेंट मांगे जा रहे थे। समस्या यह आ रही थी कि लोगों को जानकारी नहीं मिल पा रही थी कि किस पहचान में संशोधन के लिए कौन-कौन से डॉक्यूमेंट्स मांगे जा रहे हैं। इससे लोगों को घंटे इंतजार के बाद आवश्यक डॉक्यूमेंट्स न लाने पर बैरंग लौटना पड़ रहा था।
देहरादून में यूआईडीएआई के जीएमएस रोड स्थित आधार सेवा केंद्र के मैनेजर आदित्य शुक्ला ने बताया कि फोटोग्राफ, बायोमीट्रिक, जेंडर (लिंग), मोबाइल नंबर व ई-मेल आईडी में संशोधन कराने के लिए किसी भी डॉक्यूमेंट्स की जरूरत नहीं है। यूआईडीएआई के आधार केंद्र में लोग आसानी से सेवा का लाभ ले सकते हैं।