यूजीसी ने जारी की प्रधानमंत्री रिसर्च फैलो की संशोधित गाइडलाइंस, पीएचडी कर रहे युवाओं को मिलेगा लाभ
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अब पहले से पीएचडी कर रहे युवा भी प्रधानमंत्री रिसर्च फैलो (पीएमआरएफ) के लिए आवेदन कर सकेंगे। यूजीसी ने इसकी गाइडलाइंस में बदलाव कर दिया है। इसके तहत 12 से 24 महीने की पीएचडी कर चुके युवा पीएमआरएफ के लिए लेटरल एंट्री के जरिए आवेदन कर सकेंगे।
पीएफआरएफ के तहत शोध करने वाले युवाओं को पहले दो वर्षों में हर साल 70 हजार रुपये इसके बाद तीसरे वर्ष में 75 हजार और चौथे व पांचवें वर्ष में 80 हजार रुपये सालाना दिया जाता है। अभी तक इसके लिए केवल डायरेक्ट एंट्री का ही प्रावधान था।
इसे बदलकर दो विकल्पों में तब्दील कर दिया गया है। अब डायरेक्ट एंट्री के साथ ही लेटरल एंट्री के तहत भी आवेदन किया जा सकता है। जुलाई से आवेदन प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। लेटरल एंट्री के तहत इंटरव्यू के आधार पर प्रवेश मिलेगा।
एनआईआरएफ टॉप-25 संस्थानों के छात्रों को भी लाभ
पीएमआरएफ के तहत अभी तक केवल केंद्रीय विवि, आईआईटी और आईआईएससी बंगलूरू के छात्रों को ही लाभ दिया जा रहा था। अब इसका दायरा बढ़ा दिया गया है। इन सभी संस्थानों के साथ ही देश में जितने भी संस्थान एनआईआरएफ की रैंकिंग में टॉप-25 में आए हैं, उनके छात्रों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा।
इंडस्ट्री के युवाओं को भी मिलेगा मौका
इस योजना के तहत इंडस्ट्रीज की कारपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी बढ़ाने के साथ ही इंडस्ट्रीज में काम कर रहे युवाओं को शोध की दिशा में प्रोत्साहित करने का मौका दिया जा रहा है। इस साल से पांच या छह मुख्य विषयों या थीम में शोध करने वाले युवाओं को ही मौका दिया जाएगा। जल्द ही इसकी विस्तार से जानकारी जारी होगी।