फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   UCC law may be implemented in Uttarakhand by the end of Octobe

UCC : उत्तराखंड में अक्तूबर के आखिर तक लागू हो सकता है यूसीसी कानून, नियमावली और प्रशिक्षण में लग रहा है वक्त

Fri, 31 May 2024 05:15 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 31 May 2024 05:15 AM IST
सार

उत्तराखंड में यूसीसी कानून अक्तूबर आखिर तक लागू हो सकता है। समिति के अध्यक्ष शत्रुघ्न सिंह के मुताबिक, एक्ट के तहत विवाह और लिव इन में रहने वालों के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है।

विज्ञापन
UCC law may be implemented in Uttarakhand by the end of Octobe
सीएम धामी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

विस्तार

देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का कानून बनाने के बाद अब उत्तराखंड की धामी सरकार इसे लागू करने की तैयारी में है। प्रदेश में यूसीसी कानून अक्तूबर आखिर तक लागू हो सकता है।

विज्ञापन


यूसीसी की नियमावली का ड्राफ्ट बनाने का काम 50 फीसदी से अधिक हो चुका है और अगले ढाई महीनों में नियमावली बनाने का काम पूरा हो जाएगा, लेकिन इसे लागू करने में थोड़ा और समय इसलिए लगेगा, क्योंकि इसके लिए पंचायत और निकाय स्तर पर कर्मचारियों को प्रशिक्षण की आवश्यकता होगी। गृह विभाग को इस संबंध में प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
विज्ञापन


एक्ट के तहत विवाह और लिव इन में रहने के लिए पंजीकरण की ऑनलाइन सुविधा भी होगी। इसके लिए वेबसाइट व पोर्टल बनाने का 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है। यूसीसी की नियमावली बनाने का काम पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता में गठित नौ सदस्यीय समिति कर रही है। समिति को यह कार्य फरवरी के दूसरे हफ्ते में दिया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


तब से अब तक समिति ने आधी नियमावली तैयार कर ली है और अब समिति को इस कार्य को निपटाने में मुश्किल से ढाई महीने का समय लगेगा। समिति के अध्यक्ष शत्रुघ्न सिंह के मुताबिक, समिति नियमावली ड्राफ्ट तैयार करने के साथ इसे लागू करने के तकनीकी पहलुओं पर काम कर रही है।

विवाह, लिव इन के वर्चुअल पंजीकरण के लिए मोबाइल एप
समिति के अध्यक्ष शत्रुघ्न सिंह के मुताबिक, एक्ट के तहत विवाह और लिव इन में रहने वालों के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। इसे ऑनलाइन भी कराया जा सकेगा। इसके लिए एक वेबसाइट व पोर्टल बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है। आईटीडीए ने 70 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया है। स्मार्ट फोन से ही घर बैठे पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल एप्लीकेशन भी तैयार की जा रही है।

प्रशिक्षण के बाद हो जाएगा लागू
यूसीसी कानून के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पंचायतों और नगर निकायों के माध्यम से पंजीकरण की व्यवस्था होगी। इसके लिए पंचायत और निकाय स्तर पर तैनात कर्मचारियों को यूसीसी एक्ट और उसकी नियमावली के संबंध में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस संबंध में गृह विभाग को प्रशिक्षण कार्यक्रम की तैयारी करने का अनुरोध कर दिया गया है।


कोशिश है कि यूसीसी कानून की नियमावली का ड्राफ्ट अगले ढाई महीनों में तैयार हो जाए, लेकिन इसे लागू करने से पहले निकायों व पंचायतों के कर्मचारियों को प्रशिक्षित होना जरूरी है। सचिव गृह से इस संबंध में अनुरोध कर दिया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए कम से कम डेढ़ से दो माह का समय लगेगा। ऐसी स्थिति में अक्तूबर महीने तक नियमावली तैयार कर उसे लागू करने की स्थिति बन सकती है।
- शत्रुघ्न सिंह, अध्यक्ष, यूसीसी नियमावली ड्राफ्ट समिति

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed