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सरकारी अस्पताल में दो बहनों की संदिग्ध हालात में मौत, परिजनों का हंगामा

Tue, 04 Jul 2017 08:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कोटद्वार
ब्यूरो/अमर उजाला, कोटद्वार Updated Tue, 04 Jul 2017 08:11 PM IST
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two sisters suspicious death in kotdwar government hospital
kotdwar

राजकीय संयुक्त चिकित्सालय कोटद्वार में एक ही परिवार की दो बेटियों की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। अस्पताल में इलाज कराने के बाद हुई मौत से परिजन भड़क उठे। उन्होंने डाक्टरों पर गलत उपचार का आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर हंगामा काटा।

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इस दौरान परिजनों ने सीएमएस के साथ धक्कामुक्की भी की। अस्पताल में हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और किसी तरह हंगामे को शांत कराया। परिजनों ने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से अस्पताल की इमरजेंसी में गलत इंजेक्शन लगाने की बात कही। 
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मृतकों के परिजनों ने बताया कि यूपी के बिजनौर शेरकोट निवासी धर्मेंद्र सिंह बालासौड़ गांव में किराए पर रहते हैं। वह कोटद्वार में रंगाई पुताई का काम करते हैं। उसकी 18 वर्षीय बड़ी बेटी शिवानी और 16 वर्षीय छोटी बेटी संध्या की मंगलवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे अचानक तबीयत बिगड़ गई।

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गलत उपचार करने का लगाया आरोप

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उल्टी और दस्त होने के कारण छह बजे उनको राजकीय संयुक्त चिकित्सालय के इमरजेंसी वार्ड में इलाज के लिए लाया गया, जहां डाक्टर ने दोनों पर इंजेक्शन लगाया और उन्हें ठीक हो जाने का आश्वासन देकर घर जाने की सलाह दी। परिजन उपचार के बाद दोनों बेटियों को लेकर घर लौट गए।

दोपहर तक दोनों की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ तो दिन में करीब ढाई बजे बड़ी बेटी शिवानी को फिर से अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।  इस बीच दूसरी बेटी संध्या को भी इमरजेंसी में भर्ती कर दिया गया। करीब डेढ़ घंटे के उपचार के बाद संध्या ने अस्पताल में ही दम तोड़ दिया। 

दोनों बेटियों की मौत से उनके परिचितों और ग्रामीणों ने अस्पताल में हंगामा काटा। परिजनों ने डाक्टरों पर गलत उपचार करने का आरोप लगाया। कहा कि उनकी बेटियों का सही तरह से उपचार किया जाता तो उनकी मौत नहीं होती।

नाते-रिश्तेदारों में मच गया कोहराम

two sisters suspicious death in kotdwar government hospital

हालत यदि ज्यादा गंभीर थी तो डाक्टरों ने उन्हें रेफर करने के बजाय घर जाने की सलाह क्यों दी। आरोप लगाया कि दिन में जब एक बेटी की मौत हो गई, तब दूसरी को रेफर करने की बात कही गई। दो सगी बहनों की मौत से परिजनों, नाते-रिश्तेदारों में कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस ने किसी को आपातकालीन कक्ष में नहीं घुसने दिया।

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. आईएस सामंत पर महिलाएं बिफर पड़ीं। उन्होंने सीएमएस के साथ धक्कामुक्की की। लोगों ने बीच बचाव कर महिलाओं को हटाया। करीब एक घंटे तक अस्पताल में हंगामा चलता रहा। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से समझा-बुझाकर परिजनों को शांत किया।       

सीएमएस डा. आईएस सामंत ने बताया कि यह सस्पेक्टेड प्वाइजनिंग का मामला है। उल्टी दस्त से इस प्रकार की मौत नहीं होती। बहनों का इलाज कर रहे डा. विनियामिन अंसारी ने बताया कि इलाज के दौरान दोनों के मुंह से झाग निकल रहा था। उनको बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई थी।

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