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उत्तराखंड में सवा दो लाख पेंशनरों के दस्तावेज मिले संदिग्ध, 36 हजार से अधिक बैंक खाते डुप्लीकेट

Sun, 03 Dec 2017 07:34 AM IST
राकेश खंडूरी/ अमर उजाला, देहरादून
राकेश खंडूरी/ अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 03 Dec 2017 07:34 AM IST
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Two lakh pensioners documents found suspected in uttarakhand
पेंशन घोटाला
प्रदेश में सवा दो लाख पेंशनर ऐसे हैं, जिनके बैंक एकाउंट, आधार और अन्य दस्तावेज संदिग्ध पाए गए हैं। पढ़िए पूरी खबर...
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लगभग सभी मामलों में पेंशन योजना का दोहरा लाभ लेने के लिए डुप्लीकेट दस्तावेज का इस्तेमाल किया गया है। यह मामला भारत सरकार की राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) के तहत आवंटित की जा रही पेंशन का है। ये पेंशन गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) जीवन यापन करने वाले परिवारों को दी जा रही है।
 
भारत सरकार इस योजना के तहत उत्तराखंड को हर महीने साढ़े पांच करोड़ रुपये से अधिक की राशि उपलब्ध करा रही है।  पेंशनरों के खाते आधार से लिंक करने की अनिवार्यता के बाद भारत सरकार ने इनकी समीक्षा की तो यह घोटाला सामने आया।
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समीक्षा में 36 हजार से अधिक पेंशनरों के बैंक खाते पूरी तरह डुप्लीकेट पाए गए हैं। इस संबंध में ग्रामीण विकास मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार सुधाकर शुक्ला ने प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर पेंशनरों के दस्तावेजों का परीक्षण करने को कहा है।
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हालांकि उन्होंने लिखा है कि संदिग्धता की कवायद का आशय यह नहीं है कि सभी पेंशनर अपात्र हैं, लेकिन प्रदेश सरकार से उन्होंने दस्तावेजों के प्रमाणीकरण और सत्यापन करने की अपेक्षा की है।

प्रदेश से एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी

Two lakh pensioners documents found suspected in uttarakhand
पेंशन

आर्थिक सलाहकार ने कहा है कि योजना का उद्देश्य केवल पात्र लोगों को पेंशन का लाभ देने का है। 16 नवंबर को परफॉरमेंस रिव्यू कमेटी की बैठक में यह तथ्य सामने आया कि पेंशन लेने के लिए जिन दस्तावेजों का इस्तेमाल हुआ है, उनमें डुप्लीकेसी है। इसलिए इनकी विश्वसनीयता का परीक्षण आवश्यक है। प्रदेश के विभागीय प्रमुख सचिव से इस संबंध में जल्द एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) मांगी है।

डुप्लीकेट पेंशनरों का भेजा गया ब्यौरा
कुल लाभार्थी- डुप्लीकेट आवेदन-    डुप्लीके ट बैंक खाते
284789-        225979    -36330

एनएसएपी के तहत पेंशनरों की श्रेणी
-254335 वृद्धा पेंशनर
-25783 विधवा पेंशनर
-3671 विकलांग पेंशनर

-200 रुपये प्रति माह वृद्धावस्था पेंशनरों को मिलते हैं
-300 रुपये प्रति माह विधवा और विकलांग पेंशनरों का मिलते हैं

ये हो सकता फर्जीवाड़ा

Two lakh pensioners documents found suspected in uttarakhand
पेंशन
अलग-अलग बैंक खातों में दोहरी पेंशन का लाभ लिया जा रहा है।
कहीं पिता के नाम पर तो कहीं पति के नाम पर ली जा रही है पेंशन।
एक जैसे नाम वाले के आधार से पेंशन खाते को लिंक किया जा रहा।
कहीं अपना नाम तो कहीं पिता का नाम बदल कर ली जा रही है पेंशन।

‘विभागीय स्तर पर पेंशनरों के खाते आधार से लिंक करने का काम पूरा हो चुका है। लेकिन अभी डाटा के मिलान का काम शुरू नहीं हो पाया है। भारत सरकार को पेंशनरों के आधार खातों की सूचना भेजी है। पत्र के बारे में उन्हें अभी कुछ ज्ञात नहीं है।’- डॉ. रणवीर सिंह, अपर मुख्य सचिव, समाज कल्याण।
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