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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Dehradun Rainfall Two lakh cusecs of water released from Dakpathar barrage into Yamuna danger of flood in Delh

Rainfall: जलस्तर बढ़ने पर डाकपत्थर बैराज से यमुना में छोड़ा दो लाख क्यूसेक पानी, दिल्ली में बाढ़ का खतरा

Mon, 10 Jul 2023 05:04 PM IST
देहरादून ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: देहरादून ब्यूरो Updated Mon, 10 Jul 2023 05:04 PM IST
सार

सुबह 11 बजे बैराज से 95 हजार 181 क्यूसेक और दोपहर तीन बजे 72 हजार 624 क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ा गया। रात 11 बजे तक पानी की यह मात्रा दो लाख क्यूसेक को पार करने की संभावना है।

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Dehradun Rainfall Two lakh cusecs of water released from Dakpathar barrage into Yamuna danger of flood in Delh
डाकपत्थर बैराज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लगातार बारिश से यमुना और उसकी सहायक टोंस नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। डाकपत्थर बैराज से करीब दो लाख क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ा गया है। बारिश जारी रहने पर डाकपत्थर बैराज के पानी से दिल्ली में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है। यह पानी हथिनीकुंड बैराज होते हुए करीब 72 घंटे बाद दिल्ली पहुंचेगा।

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रविवार सुबह 11 बजे बैराज से 95 हजार 181 क्यूसेक और दोपहर तीन बजे 72 हजार 624 क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ा गया। रात 11 बजे तक पानी की यह मात्रा दो लाख क्यूसेक को पार करने की संभावना है। बारिश के क्रम को देखते हुए यह भी माना जा रहा है कि डाकपत्थर बैराज के बाद यमुना में मिलने वाली हिमाचल प्रदेश की प्रमुख नदी गिरी और पछवादून की आसन नदी में आने वाला पानी इस मात्रा को तीन से साढ़े तीन लाख क्यूसेक तक बढ़ा सकता है। यदि बारिश का क्रम रातभर इसी प्रकार चलता रहा तो यह स्थिति दिल्ली में बाढ़ के हालात पैदा कर सकती है। संवाद
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डाकपत्थर में टोंस नदी मिलती है यमुना से
पहाड़ों से निकलकर यमुना नदी डाकपत्थर में मैदानी क्षेत्र में प्रवेश करती है। ठीक इसी स्थान पर यमुना की प्रमुख सहायक नदी टोंस भी यमुना में मिल जाती है। दोनों नदियों के पानी को डाकपत्थर बैराज पर रोककर शक्ति नहर से पछवादून की बिजली परियोजनाओं को आपूर्ति दी जाती है। बैराज में शेष बचने वाले पानी को यमुना नदी में रिलीज कर दिया जाता है।

यमुना की सहायक नदी टोंस का जलस्तर काफी अधिक है। गिरी और आसन नदी में भी पानी बढ़ता है तो यमुना का जलस्तर काफी बढ़ जाएगा। हालांकि, पछवादून में आबादी क्षेत्र यमुना से काफी दूरी पर होने के कारण नुकसान की कम आंशका है लेकिन हथिनीकुंड बैराज के बाद उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली में नदी के पानी से नुकसान हो सकता है।
-विमल डबराल, एपीआरओ, जलविद्युत निगम

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