अफगानिस्तान बम धमाकों में देहरादून के दो लोगों की मौत
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अफगानिस्तान में सोमवार को हुए लगातार बम हमलों में लगभग 23 लोगों की मौत हो गई। इनमें एक पूर्व सैनिक समेत दो लोग देहरादून के रहने वाले थे।
दोनों बतौर गार्ड एक कंपनी में कार्यरत थे। इसकी जानकारी भारतीय दूतावास ने मृतकों के परिजनों को दी है। बताया जा रहा है कि बुधवार तक शव देहरादून लाए जा सकते हैं।
मिली जानकारी के अनुसार पूर्व सैनिक गणेश थापा (46 ) पुत्र स्व. किशन बहादुर थापा निवासी पुरोहित वाला नियर बीरपुर गेट गढ़ी कैंट और गोविंद सिंह निवासी चंद्रबनी की मौत अफगानिस्तान हमले में हुई है।
बताया जा रहा है कि हमले में मारे गए 14 लोग नेपाल के थे। गणेश थापा एसआईवीआरई इंटरनेशनल कंपनी में कार्य करते थे। उनके साथ उनके तीन भाई भी इसी कंपनी में कार्यरत थे। गणेश के बड़े भाई इन दिनों छुट्टी पर देहरादून आए हुए हैं।
जबकि गणेश थापा कुछ दिन पहले से छुट्टी काटकर अफगानिस्तान गये थे। गणेश थापा की मौत की खबर अफगानिस्तान में मौजूद उनके दोनों भाइयों ने परिजनों को दी। सूचना मिलने के बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।
नेपाल ने तालिबान के हमले की निंदा की
नेपाल ने काबुल में नेपाली सुरक्षा गार्डों पर हुए तालिबानी आत्मघाती हमले की कड़ी निंदा की। इस आत्मघाती हमले में 14 नेपाली गार्डों की मौत हो गई।
नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इसे नेपाल के लोगों पर हमला बताया और उनकी मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की। इस हमले में पांच अन्य घायल हो गये। उपप्रधानमंत्री और विदेश मामलों के मंत्री कमल थापा ने इसे निर्दोष लोगों के प्रति क्रूरतम अपराध बताया। सदन में मुख्य विपक्षी नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर ने भी घटना पर आश्चर्य जताया और गहरा दुख प्रकट किया।
मोदी ने हमले की निंदा की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काबुल में नेपाली सुरक्षा गार्डों के मिनीबस पर हुए आतंकी हमले की निंदा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत नेपाल के इस दुख की घड़ी में हर संभव मदद उपलब्ध कराएगा।
प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया कि हम काबुल में हुए भयानक घटना की कड़ी निंदा करते हैं। निर्दोष लोगों के मारे जाने पर हमारी पीड़ित परिवारों के साथ गहरी संवेदना है।
Published By : Nirmala Suyal