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गंगा में बही बोतल पकड़ने के चक्कर में डूबे दो सगे भाई, सर्च ऑपरेशन में नहीं लगा कोई सुराग

Mon, 24 Jun 2019 08:50 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 24 Jun 2019 08:50 AM IST
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Two Brothers from Haryana drown in ganga river at haridwar
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

हरिद्वार में गंगा में बह गई बोतल को पकड़ने के चक्कर में पलवल (हरियाणा) के दो सगे भाई बह गए। एक किशोर को बचा लिया गया है। देर शाम तक जल पुलिस और शौकिया गोताखोरों ने सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन डूबे हुए नाबालिगों का सुराग नहीं लगा। उनके परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। 

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घटना रविवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे उत्तरी हरिद्वार क्षेत्र के दूधियाबंद में ठोकर नंबर पांच की है। हरियाणा के गांव जनौसी जिला पलवल से करीब 35 यात्रियों का दल शनिवार को यहां पहुंचा था और उत्तरी हरिद्वार क्षेत्र के खिचड़ी आश्रम में ठहरा हुआ था। रविवार की दोपहर कुछ लोग खाना खा रहे थे और कुछ लोग आश्रम में सो रहे थे। 
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इसी दौरान दीपू (14), अंशुल (12) पुत्र सुरेश, मीत और उसका भाई प्रीत पुत्र धर्मवीर गंगा घाट पर पानी की बोतल में जल लेने के लिए चले गए। प्रीत गंगा घाट पर ही खड़ा रहा जबकि बाकी तीनों जल भरने लगे।

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इसी बीच जल भर रहे किशोर के हाथ से बोतल छूटकर बह गई। बोतल को पकड़ने के लिए उतरे तीनों किशोर तेज बहाव की चपेट में आ गए। गंगा घाट पर मौजूद प्रीत ने तीनों को डूबता देख शोर मचाया तो पास के ही गंगा घाट पर मौजूद एक फक्कड़ ने एक बालक मीत को जैसे तैसे बाहर खींच लिया, जबकि दोनों भाई डूब गए।

देखते ही देखते मौके भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर चौकी प्रभारी ठाकुर सिंह रावत भी मौके पर पहुंच गए।  आनन फानन में जल पुलिस और शौकिया गोताखोरों को बुलाया गया, लेकिन कई घंटों के सर्च ऑपरेशन के बाद भी किशोरों का पता नहीं चला।

मां का रो रो कर बुरा हाल
गंगा में डूबे भाईयों की मां चंद्रावती और चाचा सुदेश का रो रो कर बुरा हाल है। पेशे से काश्तकार पिता सुरेश दल के साथ नहीं आया था। सुरेश के दो ही बेटे हैं। बड़ा बेटा आठवीं, जबकि छोटा छठी का छात्र है। बेटों के डूबने की खबर मिलते ही मां बेहोश हो गई। जब होश आया तो वह बेटों को ही पुकारती रही। पिता को घटना की जानकारी दे दी गई है। वह भी हरिद्वार के लिए रवाना हो गया है।

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