उत्तराखंड: चमोली में देर रात भूस्खलन ने मचाई तबाही, दो सगे भाई मलबे में जिंदा दफन, कई मकान जमींदोज
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बारिश के कहर से टिहरी में हुए भूस्खलन में जिंदा दफन हुए सात लोगों के बाद चमोली में भी बुधवार देर रात को दो सगे भाई मलबे में दब गए। अचानक हुए भूस्खलन से पूरे क्षेत्र में अफरा तफरी मच गई।
हादसा, चमोली के घाट विकास खंड के फरखेत गांव के बुरालिधार तोक में हुआ। देर रात तकरीबन 11 बजे भारी बारिश के दौरान भूस्खलन से अपने घर में सो रहे गब्बर लाल और शब्बर लाल घर के अंदर ही मलबे में दब गए।
वहीं उनके घर में समीपवर्ती मोख गांव से आए हुए एक मेहमान ने भागकर जान बचाई। इस दौरान वह भी गम्भीर रूप से घायल हो गया है। तहसीलदार सोहन सिंह रांगण मौके पर पहुंच गए हैं। वहीं प्रशासन की टीम और ग्रामीण रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी थी। हादसे के बाद दोनों भाईयों के शवों को मलबे से बरामद कर लिया गया है।
कुमजुग गांव में दो मकान मलबे में दबे
वहीं, मंगलवार रात को हुई भारी बारिश से घाट क्षेत्र के कुमजुग गांव में ग्रामीणों में अफरातफरी मची रही। 60 परिवार यहां रतजगा करते रहे। बारिश से यहां दो मकान मलबे में दब गए जबकि चुफलागाड नदी के तेज बहाव में एक मकान और खेत-खलियान भी बह गए हैं।
हालांकि किसी अनहोनी को देखते हुए ग्रामीण पहले ही गांव के अन्य परिवारों के यहां शरण लिए हुए थे। जिला प्रशासन ने गाड-गदेरों के पास रह रहे ग्रामीणों को भारी बारिश होने पर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की।
कुमजुग गांव में मकान अतिसंवेदनशील बने हुए हैं। इस खतरे को देखते हुए ग्रामीणों ने बरसात से पहले ही पास ही सुरक्षित स्थानों पर शरण ली हुई है लेकिन घर का सामान यहीं था। मंगलवार को देर शाम भारी बारिश शुरू हुई जो बुधवार सुबह आठ बजे थमीं। किसी अनहोनी की आशंका पर ग्रामीणों ने रतजगा किया।
रात को मूसलाधार बारिश से कुमजुग गांव में मोहन सिंह और बल्खू दास के मकान मलबे में दब गए जबकि गांव को जाने वाला पैदल रास्ता भी कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गया। घाट-कुमजुग-मथकोट मार्ग भी कई जगहों पर मलबा आने से बंद पड़ा है।
गांव में एक मैक्स वाहन भी भूस्खलन की चपेट में आ गया लेकिन ग्रामीणों ने रस्सियों के सहारे वाहन को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। वहीं, जीआईसी बांजबगड़ का खेल मैदान भी बह गया। गांव के गुमान सिंह और अर्जुन सिंह का मकान चुफलागाड के तेज बहाव में बह गया है।
चुफलागाड नदी से बांजबगड़ गांव में कई हेक्टेयर सिंचित भूमि भी बह गई है। तहसीलदार सोहन सिंह रांगड़ ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा वितरित किया जाएगा।