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उत्तरकाशी हादसा: छह दिन बाद दो यात्रियों के शव बरामद, दस अब भी लापता

Fri, 09 Jun 2017 10:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उत्तरकाशी
ब्यूरो/अमर उजाला, उत्तरकाशी Updated Fri, 09 Jun 2017 10:32 PM IST
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two bodies recovered from bhagirathi river 

गंगोत्री हाईवे पर सुनगर के पास हुई बोलेरो दुर्घटना में लापता चल रहे 12 लोगों में से दो लोगों का शव शुक्रवार को भुक्की के पास भागीरथी नदी के किनारे मिला। घटना में अभी 10 लोग लापता चल रहे हैं।

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चार जून को गंगोत्री हाईवे पर सुनगर के पास गंगोत्री जा रही एक बोलेरो भागीरथी में समा गई थी, जिसमें 12 लोग सवार थे। इनमें चालक को छोड़कर सभी 11 लोग अठाली गांव के निवासी हैं जो नाग देवता की डोली के साथ यमुनोत्री दर्शन करने के बाद गंगोत्री जा रहे थे।
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दुर्घटना के दिन से ही सभी लोग भागीरथी नदी में लापता चल रहे थे। घटना के छठवें दिन दो लोगों के शव एसडीआरएफ व एनडीआरएफ के जवानों ने भागीरथी नदी के किनारे भुक्की के पास से बरामद किए हैं।
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इनमें देवेंद्र सिंह राणा (58) पुत्र स्वर्गीय इंदर सिंह राणा, निवासी अठाली गांव जबकि दूसरे शव की पहचान प्रवेश परमार (22) पुत्र शीशपाल परमार, निवासी अठाली गांव के रूप में हुई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।

मच्छी पकड़ने के काटे से हो रहा रेस्क्यू 

two bodies recovered from bhagirathi river 

अठाली गांव के ग्रामीणों ने प्रशासन के रेस्क्यू कार्य पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से रेस्क्यू कार्य धीमी गति से किया जा रहा है। छह दिन बाद 12 लोगों में से दो को ही बरामद किया गया है। अगर जल्द ही प्रशासन सभी लापता लोगों को बरामद नहीं करता है तो वे सड़कों पर उतरेंगे।

अठाली गांव के विजेंद्र सिंह राणा ने कहा कि इस दुर्घटना में उनके परिवार के सात सदस्य लापता हैं। कहा कि प्रशासन रेस्क्यू कार्य में ढुलमुल रवैया अपना रहा है। रेस्क्यू कार्य के लिए जिस कांटे का प्रयोग किया जा रहा है उससे और मच्छी के कांटे में कुछ ज्यादा फर्क नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जिन कर्मचारियों को वहां रेस्क्यू के लिए तैनात किया गया है उनमें से नदी में उतरने की हिम्मत कोई नहीं जुटा पा रहा है। प्रशासन से भरोसा उठ जाने के कारण ही ग्रामीणों ने खुद खोज एवं बचाव का मोर्चा संभाला हुआ है।

विजेंद्र सिंह राणा ने कहा कि चुनाव के समय नेता गंगोत्री विधानसभा से लहर आने के बाद ही सरकार बनाने की बात करते हैं, लेकिन इस समय सरकार का कोई मंत्री उनके गांव तक नहीं पहुंचा।

वहीं ग्रामीण जयेंद्र पंवार ने कहा कि घटना होने के 18 घंटे बाद जिला प्रशासन मौके पर क्रेन नहीं पहुंचा पाया। इससे पता चलता है कि लापता लोगों को ढूंढने के लिए प्रशासन को कितनी चिंता है। 

हमारे पास एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की प्रशिक्षित टीम है, लेकिन नदी का बहाव अधिक होने के कारण गोताखोर नदी के बीच नहीं जा पा रहे हैं। प्रशासन का रेस्क्यू तब तक जारी रहेगा जब तक सभी लोग नहीं मिल जाते हैं।
- पीएल शाह, एडीएम उत्तरकाशी।

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