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उत्तराखंड में बनेंगे दो जैव विविधता विरासत पार्क, बोर्ड को मिली मंजूरी, काम किया शुरू
Sat, 06 Feb 2021 02:38 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 06 Feb 2021 02:38 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला (File Photo)
प्रदेश में दो जैव विविधता विरासत पार्क बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। एक पार्क पिथौरागढ़ मेें थल केदार और दूसरा चकराता के समीप देवलसारी में बनाया जाएगा। जैव विविधता बोर्ड के मुताबिक यह दोनों ही स्थान जैव विविधता के लिहाज से बेहद समृद्ध हैं और विरासत पार्क बनने से यहां की संपदा का संरक्षण हो सकेगा।
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इन पार्कों को बनाने सहित अन्य मुद्दों को लेकर जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष राजीव भरतरी, उपनिदेशक धनंज्य मोहन सहित अन्य अधिकारियों ने मुख्य सचिव ओमप्रकाश के साथ बृहस्पतिवार को बैठक की थी। शुक्रवार को इन्हीं मुद्दों को लेकर प्रमुख सचिव वन आनंद वर्द्धन के साथ बैठक की गई। जैव विविधता बोर्ड के उप निदेशक धनंज्य के मुुताबिक देवलसारी के लिए बोर्ड के माध्यम से प्रारंभिक सर्वे कराया जाएगा।
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पीबीआर बनाने का काम पूरा, सुधार जारी
जैव विविधता बोर्ड की देखरेख में ग्राम पंचायत स्तर पर पीबीआर या जैव विविधता रजिस्टर भी बनाए जा रहे हैं। उप निदेशक के मुताबिक यह रजिस्टर सभी ग्राम पंचायतों में बना लिए गए हैं और अब इनमें सुधार का काम किया जा रहा है। प्रदेश में ग्राम पंचायत स्तर पर सात हजार से अधिक जैव विविधता प्रबंधन समितियां या बीएमसी बना ली गई हैं।
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छह करोड़ की आय हुई पिछले कुछ सालों में
बीएमसी के गठन का एक फायदा यह भी है कि स्थानीय स्तर पर वन संपदा के उपयोग पर उद्योगों को शुल्क देना होता है। पीबीआर में अगर यह संपदा दर्ज है तो उद्योग को उसकी कीमत चुकानी होती है। इस मद में पिछले कुछ सालों में करीब छह करोड़ की आय हुई है।