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समन्वय बैठक: उत्तराखंड पहुंचे संघ के दिग्गजों ने टटोली नब्ज, ली ज्वलंत मुद्दों की थाह
Wed, 28 Jul 2021 11:05 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 28 Jul 2021 11:05 PM IST
सार
बैठक में भाग लेने के लिए संघ के सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल और अरुण कुमार जो भाजपा के समन्वयक भी हैं, खास तौर पर देहरादून पहुंचे।
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राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष देहरादून पहुंचे
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा नेताओं ने बुधवार को समन्वय बैठक में भाजपा और अन्य आनुषांगिक संगठनों की नब्ज टटोली और विधानसभा चुनाव, कोरोना, पलायन, प्रवासियों से जुड़े मुद्दों पर चिंतन किया।
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देहरादून के क्लेमेंटटाउन स्थित एक रिजॉर्ट में आयोजित बैठक तीन सत्रों में चली। बैठक में भाग लेने के लिए संघ के सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल और अरुण कुमार जो भाजपा के समन्वयक भी हैं, खास तौर पर देहरादून पहुंचे। भाजपा के केंद्रीय संगठन की ओर से राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने बैठक में हिस्सा लिया। दोपहर बाद के सत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम और सह प्रभारी रेखा वर्मा भी शामिल हुए। बैठक के शामिल नेताओं ने मीडिया से दूरी बनाए रखी।
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इस बैठक में प्रदेश संगठन की ओर से प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार आरएसएस के प्रांत प्रचार प्रमुख युद्धवीर, सह प्रांत प्रचार प्रमुख संजय कुमार, क्षेत्र कार्यवाह शशिकांत दीक्षित समेत विभिन्न अनुसांगिक संगठनों के सदस्य उपस्थित थे।
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पलायन पर चिंता
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में उत्तराखंड राज्य में पलायन को लेकर चिंता जताई गई। सामरिक महत्व की दृष्टि से सीमांत गांवों में पलायन रोकने पर जोर दिया गया। राज्य के दूरदराज और सीमांत गांवों में संघ की सामाजिक गतिविधियों को बढ़ाने पर जोर दिया गया। सरकार के स्तर पर भी वहां बुनियादी ढांचे का विकास और अवस्थापना सुविधाओं को बढ़ाने की आवश्यकता जताई गई। इसके लिए समयबद्ध कार्ययोजना पर काम करने पर जोर दिया गया।
घर लौटे प्रवासियों की भी फिक्र
सूत्रों के मुताबिक, संघ नेताओं ने कोरोना की दूसरी लहर में घर लौटे प्रवासियों के बारे में जानकारी ली। संघ की ओर से प्रवासियों के बीच चल रहे सहयोग के कार्यों के बारे में बताया गया। संघ नेताओं का कहना था कि बड़ी संख्या घर लौटे प्रवासियों के सामने आजीविका जुटाना सबसे बड़ी चुनौती है। केंद्र और राज्य सरकार की आजीविका आधारित योजनाओं की प्रवासियों को जानकारी दें ताकि वे इनसे जुड़ें। स्वरोजगार और खेती बाड़ी से जोड़ने के लिए प्रवासियों का सहयोग करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
एजेंडे पर परखा संगठनों का काम
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में संघ के एजेंडे में शामिल स्वास्थ्य, शिक्षा, आदिवासी कल्याण, पर्यावरण, पलायन समेत कई अन्य सामाजिक, सांस्कृतिक और जागरूकता से जुड़ी गतिविधियों को परखा गया। अनुसांगिक संगठनों से जुड़े स्वयंसेवकों को कार्य में तेजी लाने पर जोर दिया गया।