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सुनामी की तर्ज पर वार्निंग सिस्टम की जरूरत
देहरादून/प्रवेश कुमारी
Updated Wed, 31 Jul 2013 09:50 PM IST
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नेशनल जियोफिजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (एनजीआरआई) हैदराबाद के पूर्व निदेशक प्रो. वीपी डिमरी ने उत्तराखंड को आपदा के प्रति संवेदनशील बताते हुए यहां के लिए सुनामी की तर्ज पर वार्निंग सिस्टम विकसित किए जाने की जरूरत बताई।
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वह यहां वाडिया हिमालयन भू-विज्ञान संस्थान में अमर उजाला से रूबरू थे। उन्होंने यहां सेंटर आफ एक्सीलेंस की भी वकालत की।
आपदा न्यूनीकरण और प्रबंधन के लिए विभिन्न विभागों में समन्वय का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि सेंटर आफ एक्सीलेंस में हर विभाग का एक विशेषज्ञ शामिल होगा, लिहाजा मेनडेट कोई मुद्दा नहीं बनेगा और समन्वय का अभाव सामने नहीं आएगा।
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इसी सेंटर से बादल फटने, भू-स्खलन और भूकंप की हलचल पर नजर रखी जाए। कहा कि आपदा इनके मिले-जुले प्रभाव का असर है।
मानिटरिंग के साथ ही अलार्म सिस्टम नुकसान से बचाएगा। सुनामी का जिक्र किया, जहां देश के ही वैज्ञानिकों ने अलार्म सिस्टम विकसित किया है। उन्होंने इसके लिए देश के ही विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों से संपर्क की बात उन्होंने की।
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