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Dehradun News: कालसी-चकराता में भी दाखिल खारिज नहीं होने से परेशानी
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जौनसार बावर की तहसील कालसी और चकराता में पिछले डेढ़ माह से दाखिल खारिज, विरासत, बंधक आदि दर्ज होने के काम अधूरे पड़े हैं। भूलेख पोर्टल में तकनीकी खराबी आने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। इससे ग्रामीणों को तहसील से बैंरंग लौटना पड़ रहा है।
कालसी तहसील के अंतर्गत 169 और चकराता तहसील के अंतर्गत 141 राजस्व ग्राम आते हैं। भूलेख पोर्टल में तकनीकी खराबी से इन सभी 310 राजस्व गांव, उनके मजरे और खेड़े के निवासियों के सामने संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। दो अक्तूबर को साइबर अटैक के बाद प्रदेश की सभी तहसीलों में संचालित होने वाले भूलेख पोर्टलों में खराबी आ गई थी। हालांकि, डेढ़ महीने पहले सभी तहसीलों के पोर्टल को ठीक करा लिया गया, लेकिन कालसी व चकराता तहसीलों में अभी भी पोर्टल काम नहीं कर रहा है। इसके चलते तहसीलों में होने वाले दाखिल खारिज, विरासत व बंधक आदि दर्ज होने के काम ठप हैं। इन कार्यों के नहीं होने से किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड, जमीन की खरीद फरोख्त, बैंक ऋण, आवश्यक प्रमाणपत्र बनवाने में समस्या आ रही है। इसके साथ ही खतौनी की नकल भी नहीं मिल पा रही है।
ग्राम पंचायत तिलवाड़ी के प्रधान अरुण चौहान, कुंवर सिंह, सुमित्रा देवी का कहना है कि लंबे समय से खराब साफ्टवेयर को तत्काल ठीक कराया जाना चाहिए। उधर, कालसी की एसडीएम गौरी प्रभात व चकराता के उप जिलाधिकारी योगेश मेहरा का कहना है कि पोर्टल में आई खराबी को ठीक करने के लिए सेवा दे रही संस्था एनआईसी को पत्र भेजा गया है। उम्मीद है कि तकनीकी खराबी को शीघ्र दूर कर लिया जाएगा।
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कालसी तहसील के अंतर्गत 169 और चकराता तहसील के अंतर्गत 141 राजस्व ग्राम आते हैं। भूलेख पोर्टल में तकनीकी खराबी से इन सभी 310 राजस्व गांव, उनके मजरे और खेड़े के निवासियों के सामने संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। दो अक्तूबर को साइबर अटैक के बाद प्रदेश की सभी तहसीलों में संचालित होने वाले भूलेख पोर्टलों में खराबी आ गई थी। हालांकि, डेढ़ महीने पहले सभी तहसीलों के पोर्टल को ठीक करा लिया गया, लेकिन कालसी व चकराता तहसीलों में अभी भी पोर्टल काम नहीं कर रहा है। इसके चलते तहसीलों में होने वाले दाखिल खारिज, विरासत व बंधक आदि दर्ज होने के काम ठप हैं। इन कार्यों के नहीं होने से किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड, जमीन की खरीद फरोख्त, बैंक ऋण, आवश्यक प्रमाणपत्र बनवाने में समस्या आ रही है। इसके साथ ही खतौनी की नकल भी नहीं मिल पा रही है।
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ग्राम पंचायत तिलवाड़ी के प्रधान अरुण चौहान, कुंवर सिंह, सुमित्रा देवी का कहना है कि लंबे समय से खराब साफ्टवेयर को तत्काल ठीक कराया जाना चाहिए। उधर, कालसी की एसडीएम गौरी प्रभात व चकराता के उप जिलाधिकारी योगेश मेहरा का कहना है कि पोर्टल में आई खराबी को ठीक करने के लिए सेवा दे रही संस्था एनआईसी को पत्र भेजा गया है। उम्मीद है कि तकनीकी खराबी को शीघ्र दूर कर लिया जाएगा।
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