उत्तराखंडः त्रिवेंद्र सिंह रावत बजट पेश करने वाले भाजपा सरकार के तीसरे मुख्यमंत्री
- पूर्व सीएम एनडी तिवारी, जनरल खंडूड़ी और निशंक भी पेश कर चुके हैं बजट
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत आज अपनी सरकार का चौथा बजट पेश करेंगे। प्रदेश में अब तक सत्तारूढ़ रही भाजपा सरकारों के वे तीसरे मुख्यमंत्री हैं, जो नेता सदन के साथ ही वित्त मंत्री के तौर पर सदन में बजट भाषण पढेंगे। उनसे पहले यह भूमिका पूर्व मुख्यमंत्री जनरल बीसी खंडूड़ी और डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक निभा चुके हैं।
वर्ष 2017 में जब भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व त्रिवेंद्र सिंह रावत के हाथों में उत्तराखंड की कमान सौंपी थी। तब उनके पास वित्त मंत्रालय नहीं था। यह दायित्व प्रकाश पंत को सौंपा गया। संसदीय और विधायी मामलों के साथ पंत के पास वित्त, आबकारी, पेयजल सरीखे अहम मंत्रालय थे। मौजूदा भाजपा सरकार के पंत ने तीन बजट कुशलतार्पूक पेश किए।
लेकिन पिछले साल देहरादून विधानसभा में जब उन्होंने बजट पेश किया तो उनकी तबीयत इस कदर नासाज हो गई कि वे बजट भाषण को पूरा नहीं कर पाई। तब मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बजट भाषण पूरा किया। बुधवार को त्रिवेंद्र सिंह रावत वित्त मंत्री के किरदार में सदन में पहुंचेंगे और वित्तीय वर्ष 2020-21 का आय व्यय का दस्तावेज पटल पर रखेंगे। वे बजट भाषण पढ़ेंगे।
अपने पास रखे पंत के सभी मंत्रालय, किया होमवर्क
इस तरह वे राज्य गठन के बाद अंतरिम सरकार और 2002 से 2017 के दौरान निर्वाचित चार सरकारों में सदन पटल पर बजट पेश करने वाले चौथे और भाजपा सरकार के तीसरे मुख्यमंत्री होंगे।
उनसे पहले 2002 से 2007 के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने बजट पेश किया। उनके बाद 2007 से 2012 के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी और डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक को बजट पेश करने का अवसर मिला।
पूर्व वित्त मंत्री प्रकाश पंत के देहावसान के बाद उनके सभी मंत्रालय मुख्यमंत्री ने अपने पास रखे। सत्र के दौरान केवल संसदीय कार्य मंत्रालय का दायित्व शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक को सौंपा। बजट सत्र से पूर्व मुख्यमंत्री ने होमवर्क भी किया। उन्होंने बजट में जन भागीदारी सुनिश्चत करने को लेकर सोशल मीडिया पर जनता से सुझाव भी लिये। उनसे पहले पूर्व वित्त मंत्री पंत भी सोशल मीडिया पर जनता से सुझाव लेते थे।