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आत्महत्या की धमकी देने पर ये क्या बोल गए सीएम त्रिवेंद्र, मच गया हंगामा

Wed, 24 Jan 2018 12:25 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 24 Jan 2018 12:25 AM IST
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trivendra singh rawat controversial statement on suicide threat
trivendra singh rawat

मांगे पूरी न होने पर आत्महत्या की धमकी देने वालों के लिए सीएम त्रिवेंद्र ये क्या बोल गए। उनके बयान के बाद विपक्ष में खलबली मच गई।

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एक युवा बीजेपी कार्यालय में जहर खाकर आ गया। आजकल प्रदेश में आत्महत्या का फैशन सा चल पड़ा है। अब तक हमें आत्महत्या की 11 धमकियां मिल चुकी हैं। हमारे बीच के कुछ लोग भले इसे बढ़ावा दें, लेकिन मेरी सरकार किसी भी सूरत में ऐसे आत्महत्या करने वालों की मदद नहीं करेगी।
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ऐसे लोगों को सरकार के खजाने से एक रुपये की मदद नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को डीबीएस पीजी कॉलेज में यह बात कही। मंगलवार को डीबीएस पीजी कॉलेज में सुभाषचंद्र बोस की 121वीं जयंती पर रक्तदान शिविर का शुभारंभ सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने किया।
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उन्होंने कहा कि नेताजी ने कहा था कि तुम मुझे खून दो मै तुम्हें आजादी दूंगा परन्तु आज खून की आवश्यकता नहीं है। आज जरूरत है भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने की। मुख्यमंत्री ने आजाद हिंद फौज के सिपाही एम सिंह को सम्मानित भी किया।

इसके बाद उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वह राजनीति में आगे आएं। अच्छे लोग आएंगे तो देश-प्रदेश का विकास होगा। सीएम ने कहा कि नौजवानों को सिर्फ  नौकरी की मानसिकता से बाहर भी सोचने की जरूरत है। युवा उद्यमशीलता को अपनाएं और उद्यमी बनें।

भ्रष्टाचार पर कत्लेआम की जरूरत

trivendra singh rawat controversial statement on suicide threat

सीएम ने इसके बाद आत्महत्या की धमकी देने वालों पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि मैं नौजवानों से पूछना चाहता हूं कि क्या ऐसे लोगों को सरकार को मदद देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि यह कायराना हरकत है। मेरी सरकार कायरों की बिल्कुल भी मदद नहीं करेगी। एक कहता है कि मुझे फॉरेस्ट में सड़क बनाने दो, मुख्य सचिव को पत्र भेजा है।

सीएम ने कहा कि दुख की बात है कि आत्महत्या की धमकी के इस नए फैशन का कुछ लोग खुलेआम समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मैंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री हूं, मैं अपने पर्सनल अकाउंट से पैसा दे सकता हूं। आप भी दीजिए, नो प्रॉब्लम, लेकिन सरकार का एक पैसा ऐसे लोगों को नहीं दूंगा।

सीएम ने कहा कि विरोधी कहते हैं कि कुछ नहीं हो रहा है, हम कहते हैं कि अगर कुछ नहीं हो रहा है तो भ्रष्टाचार भी नहीं हो रहा है। इस दौरान विधायक खजान दास, विधायक सुरेश राठौर, डीएवी ट्रस्ट के प्रबंधक एके नारंग, प्राचार्य डॉ.ओपी कुलश्रेष्ठ, पर्यावरणविद् पद्मश्री डॉ.अनिल जोशी समेत कई लोग मौजूद रहे।

भ्रष्टाचार पर कत्लेआम की जरूरत
सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि भ्रष्टाचार के कत्लेआम की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अगर हमने भ्रष्टाचार समाप्त कर लिया तो मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि इस राज्य की तस्वीर ही बदल जाएगी। कुछ लोगों की जेब में 600 से 700 करोड़ रुपया चला गया। 14 को जेल भेज चुका हूं।
 

सीएम कार्यालय को मिला धमकी भरा पत्र, जांच बैठाई

trivendra singh rawat controversial statement on suicide threat

आधी जांच हुई है, आधी जांच बाकी है। 26 लाख देना चाहिए था, 20 करोड़ चला गया। कहते हैं कि गलती हो जाती है। एक साढ़े आठ हजार का संविदा का बाबू। उसे लगा कि कोई देखने वाला नहीं है। एक दिन में उसके खाते में एक करोड़ चला गया। कहा कि नौजवान अगर ठान लें तो भ्रष्टाचार जरूर मिट जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्हें टैक्स चोरी की शिकायत से संबंधित एक मैसेज मिला, संबंधित अधिकारियों को तुरंत इसकी जांच के आदेश दे दिए गए। जांच में लगभग 60 लाख की टैक्स चोरी पकड़ी गई।

सीएम कार्यालय को मिला धमकी भरा पत्र, जांच बैठाई
मुख्यमंत्री के आत्महत्या को कायराना कहने के बयान के बीच मंगलवार को सीएम कार्यालय को आत्महत्या की धमकी का पत्र मिला। यह पत्र हल्द्वानी निवासी किसी सतीश चंद्र पांडेय के नाम से आया है। इसमें कहा गया है कि हल्द्वानी-कालाढूंगी मोटरमार्ग पर नरसिंह तल्ला नामक स्थान से रामपुर मार्ग को जोड़ने वाला मार्ग 1990 से राजस्व विभाग के अभिलेखों में अंकित है।

इस मार्ग का प्रथम भाग कच्चा है। हजारों वाहनों के गुजरने से यहां आसपास भारी प्रदूषण रहता है। कई बार पत्र लिखा गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पत्र में धमकी दी गई है कि एक माह के भीतर अगर कार्रवाई नहीं होती है तो वह आत्मदाह को विवश होंगे। पत्र मिलते ही सीएम कार्यालय ने मामले की जांच बैठा दी है। सीएम ने नैनीताल के एसएसपी को जांच के आदेश दिए हैं।
 

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