रामनगर की 'आग' में निपट गए नैनीताल के DM-SSP
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नैनीताल में हुए आत्मदाह के घटनाक्रम और उसके बाद हुई कांग्रेसियों की लड़ाई में राज्य सरकार ने नैनीताल के डीएम व एसएसपी को हटा दिया है।
दोनों अफसरों के स्थान पर नए अधिकारियों की तैनाती भी कर दी गई। दीपक रावत नैनताल के नए डीएम व सेंथिल कृष्णराज एसएसपी होंगे। दोनों ही अफसर 2007 बैच के आईएएस है। सप्ताह भर पहले नैनीताल के रामनगर में हुए आत्मदाह और उसकेबाद कांग्रेसियों के आपसी टकराव की खामियाजा जिले के अफसरों ने भुगता।
डीएम व एसएसपी को हटाकर शासन में तैनात कर दिया गया। डीएम अक्षत गुप्ता को पीडब्लूडी का अपर सचिव बनाया गया है। इसके अलावा एसएसपी विम्मी सचदेवा रमन को कार्मिक विभाग में रिपोर्ट करने को कहा है।
अगली पोस्टिंग आने तक वह प्रमुख सचिव कार्मिक कार्यालय से अटैच रहेंगी। कुमाऊं मंडल विकास निगम के एमडी व राजस्व परिषद के सदस्य न्यायिक कुमाऊं दीपक रावत नैनीताल के नए डीएम होंगे। स्पेशल टास्क फोर्स के एसपी सेंथिल अवूदई कृष्ण राज को नैनीताल का वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। सेंथिल फिलहाल डेढ़ वर्ष से भी ज्यादा समय से एसटीएफ के एसपी है और इससे पहले लगभग एक साल चम्पावत के एसपी रहे।
कुल मिलाकर नैनीताल से दोनों आला अफसरों को हटाने के पीछे रामनगर की घटना को कारण माना जा रहा है। सप्ताह भर पहले एक कांग्रेस युवक द्वारा आत्मदाह करने की कोशिश और पार्टी के दो धड़ों के आमने सामने आने केबाद से नैनीताल कांग्रेस की राजनीति गर्म हो गई थी। कैबिनेट मंत्री इंदिरा ह्दयेश ने भी एसएसपी को हटाने केमामले को अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ लिया था। लेकिन मुख्यमंत्री ने एसएसपी के साथ ही डीएम को भी हटा दिया।
राजनाथ सिंह के करीबी रिश्तेदार है रावत
2007 बैच के आईएएस दीपक रावत केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के करीबी रिश्तेदार बताए जाते है। यही वजह है कि उनका नाम नैनीताल के लिए दो महीना पहले ही तय हो गया था। इंतजार बस केवल बदलने के मौकेका हो रहा था। वैसे भी दीपक रावत की कुल नौकरी का 90 प्रतिशत समय कुमाऊं में ही गुजरा है। उन्होंने नैनीताल से बाहर की पोस्टिंग बहुत कम की है।
सेंथिल को मिला साइड पोस्टिंग का लाभ
एसटीएफ केएसपी सेंथिल कृष्णराज को लंबे समय फील्ड पोस्टिंग से अलग रहने का लाभ मिला। तैनाती से पूर्व मुख्यमंत्री ने यही देखा कि किस अफसर को लंबे समय से जिले में पोस्टिंग नहीं मिली। इसमें सेंथिल का नाम सबसे ऊपर था, क्योंकि वह केवल चम्पावत के ही एसपी रहे थे। सीएम ने इसी लिए फाइनल कर दिया। इससे पहले यह मापदंड हरिद्वार के लिए भी अपनाया गया। स्वीटी अग्रवाल को रुद्रप्रयाग के बाद लंबे समय तक कोई जिला नहीं मिला तो सीएम ने उन्हें हरिद्वार का एसएसपी बना दिया।
कई लगे है जुगाड़ में
देहरादून। नैनीताल पुलिस विभाग में अभी और बदलाव हो सकता है। एसपी सिटी हल्द्वानी पंकज भट्ट को हटाने का प्रपोजल भी शासन ने पीएचक्यू से मंगा लिया है। हालांकि भट्ट के पैरोकारों ने स्थानांतरण रुकवाने के लिए पूरी ताकत लगा दी है लेकिन सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्री इसके लिए राजी नहीं है। इसके अलावा अल्मोड़ा से हटने केबाद एसपी कार्मिक के पद पर ज्वाइनिंग नहीं देने वाले अशोक भट्ट ने अचानक ज्वाइन कर लिया। वह भी कुमाऊं में रहना चाहते है। इसलिए उन्होंने आईआरबी रामनगर के लिए जोर लगा दिया है। यहां से केवल खुराना हटाकर हल्द्वानी में ही एसपी सीबीसीआईडी बनाए जाने का प्रपोजल भी पीएचक्यू ने भेजा है। जबकि एसपी सीबीसीआईडी की पोस्ट केवल मुख्यालय में ही है।