टूटे ट्रैक से गुजरी चंडीगढ़ एक्सप्रेस, बड़ा हादसा टला
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उत्तराखंड में रुड़की रेलवे स्टेशन के पास बुधवार सुबह बड़ा हादसा होने से टल गया। रेलवे ट्रैक में एक जगह पर क्रैक (फ्रेक्चर) था और उसके ऊपर से ही लखनऊ-चंडीगढ़ एक्सप्रेस गुजर गई।
ट्रेन में एक हजार से ज्यादा यात्री सवार थे। गनीमत रही कि ट्रेन पलटी नहीं। बाद में पेट्रोलिंग कर रहे गेटमैन ने फ्रेक्चर देखकर इस बारे में अधिकारियों को सूचना दी तो ट्रैक को ठीक कराया गया। इस दौरान करीब आधे घंटे तक रेल यातायात बाधित रहा।
बुधवार सुबह ढंडेरा और लंढौरा के बीच स्थित गेट संख्या 510 के पास रेलवे ट्रैक में फ्रेक्चर हो गया, लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं गया। सुबह करीब 8:42 बजे इसी टूटे हुए ट्रैक से लखनऊ-चंडीगढ़ एक्सप्रेस गुजरी।
स्टेशन मास्टर को सूचना दी
सामान्य तौर पर ऐसी स्थिति में ट्रेन के पलटने की आशंका रहती है, लेकिन गनीमत रही कि कहीं कोई दिक्कत नहीं आई। यदि दुर्घटना हो जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। कुछ देर बाद गेटमैन रामसिंह करीब 8:50 बजे गश्त करते हुए उधर पहुंचा तो उसकी नजर ट्रैक पर पड़ी।
उसने तुरंत स्टेशन मास्टर को इसकी सूचना दी। स्टेशन मास्टर ने कंट्रोल मैसेज कर संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया। थोड़ी देर में ही पूरे रेलवे तंत्र में हड़कंप मच गया।
रेल पथ निरीक्षक और यातायात निरीक्षक कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे। ट्रैक को करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद ठीक कराया गया। इस दौरान यातायात बाधित रहा।
ये ट्रेनें रहीं प्रभावित
सुबह करीब 9:20 बजे इस रूट पर रेलगाड़ियों का आवागमन शुरू हो सका। इस अवधि में देहरादून से इंदौर जाने वाली इंदौर एक्सप्रेस को ढंडेरा और हरिद्वार से पुरी जाने वाली उत्कल एक्सप्रेस को रुड़की में रोककर रखा गया।
कई अन्य रेलगाड़ियों को कॉशन में गुजारा गया। इनमें हरिद्वार-दिल्ली पैसेंजर, लखनऊ चंडीगढ़ एक्सप्रेस, बरौनी एक्सप्रेस, देहरादून-सहारनपुर पैसेंजर समेत कई मालगाड़ियां भी गाड़ियां शामिल हैं।
रेल पथ निरीक्षक बाबूराम ने बताया कि सूचना मिलने के करीब आधे घंटे के अंदर रेलवे ट्रैक ठीक करके यातायात सावधानीपूर्वक शुरू करा दिया गया था और दो बजे के बाद रेल यातायात पूरी तरह सामान्य कर दिया गया था।
क्यों आता है ट्रैक में फ्रेक्चर
कई बार तापमान कम होने के कारण ट्रैक सिकुड़ने लगता है। इस कारण ट्रैक में फ्रेक्चर हो जाता है। टूटे हुए ट्रैक से ट्रेन गुजरने पर दुर्घटना होने की आशंका रहती है। यह फ्रेक्चर बीती रात आई बारिश से तापमान कम होने के कारण हुआ होगा। ट्रैक मैन को सतर्कता बरतते हुए ट्रैक की देखभाल करने को कहा गया है।
- बाबू सिंह, रेल पथ निरीक्षक
गेटमैन की सतर्कता से बची एक और ट्रेन
गेटमैन रामसिंह की सतर्कता के कारण एक और ट्रेन टूटे हुए ट्रैक से गुजरने से बच गई। सुबह करीब 8:50 बजे जब रामसिंह गेट पर तैनात था तो उसकी नजर ट्रैक में हुए फ्रेक्चर पर पड़ी। वह अधिकारियों को सूचना देता इससे पहले ही देहरादून की ओर से इंदौर जा रही इंदौर एक्सप्रेस आती दिखाई दी। रामसिंह ने तुरंत लाल झंडी दिखाकर उसे रुकवा दिया। वरना यह ट्रेन भी टूटे हुए ट्रैक से ही गुजरती।