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दून में चार स्कूलों की छुट्टी का समय बदला
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 25 Jul 2015 12:27 PM IST
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ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए पुलिस ने देहरादून के चार बड़े स्कूलों की छुट्टी के समय में बदलाव कराया है। साथ ही स्कूल के बाहर वाहन खड़ा नहीं कराने की हिदायत दी गई है। नई व्यवस्था सोमवार से प्रभावी रहेगी।
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डालनवाला क्षेत्र में अधिकतर स्कूलों की छुट्टी एक समय पर होने से यातायात का दबाव बढ़ जाता था। खासतौर से सर्वे चौक, ईसी रोड, क्रास रोड आदि इलाकों में जाम के हालात हो जाते हैं। इस संबंध में एसएसपी पुष्पक ज्योति ने स्कूल संचालकों की बैठक बुलाई थी, लेकिन डालनवाला क्षेत्र के स्कूल संचालकों के न आने से फैसला नहीं हो सका था।
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एसएसपी के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक प्रदीप राय ने इन स्कूल संचालकों को शुक्रवार सुबह डालनवाला कोतवाली बुलाया था। कहा कि ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए कई स्कूलों की छुट्टी के समय में बदलाव जरूरी है।
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बैठक में ब्राइटलैंड, दून इंटरनेशनल, सेंट थामस और मार्शल स्कूल के छुट्टी समय में बदलाव तय किया गया। साथ ही स्कूलों को वाहन पार्किंग की व्यवस्था कैंपस में ही करने की सलाह दी गई, ताकि आमजन को इससे परेशानी न हो।
अब यह है छुट्टी का समय
- ब्राइट लैंड स्कूल 12 बजकर 50 मिनट, एक बजे और एक बजकर 10 मिनट (अलग-अलग वर्ग के बच्चों की छुट्टी का समय)
- सेंट थामस छुट्टी का समय एक बजकर 10 मिनट।
- दून इंटरनेशनल छुट्टी का समय दोपहर दो बजे।
- मार्शल स्कूल, छुट्टी का समय दोपहर दो बजे।
सड़क पर अफसर, बेहतर रहा ‘सफर’
देहरादून की ट्रैफिक व्यवस्था शुक्रवार को भी पटरी पर रही। अधिकारी पुलिस बल के साथ सड़कों पर यातायात की कमान संभाले रहे। दबाव तो रहा, लेकिन जाम की स्थिति नहीं बनी। अलबत्ता पुलिस आफिस के फोर्स का इस्तेमाल नहीं किया गया। एसएसपी ने कहा कि स्कूलों की छुट्टी के समय में बदलाव के साथ दबाव और कम हो जाएगा।
शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर चौथे दिन भी पुलिस गंभीर रही। सिपाही से लेकर एसपी तक सड़क पर रहे। बृहस्पतिवार को ट्रैफिक काबू में आने के बाद से अधिकारी काफी उत्साहित हैं। सुबह से ही थाना और चौकी प्रभारियों को बुधवार की तरह ही ड्यूटी करने के निर्देश मिलने शुरू हो गए थे। अधिकारी लगातार भ्रमण कर पुलिसकर्मियों की पीठ थपथपाते रहे।
एसपी सिटी अजय सिंह क्रास रोड से लेकर आराघर चौक तक की कमान संभाले रहे। आराघर चौक पर मंडी के पास थोड़ी देर जरूर ट्रैफिक का दबाव रहा, लेकिन फिर वहां पुलिस बल बढ़ाकर स्थिति संभाली गई। सर्वे चौक, इंदर रोड, एमकेपी चौक, दून अस्पताल आदि चौराहों पर स्थिति सामान्य रही।
तहसील चौक से कुछ देर के लिए यातायात दून अस्पताल की तरफ डायवर्ट किया गया, क्योंकि इनामुल्ला बिल्डिंग के पास जनाजा आने के कारण काफी लोग सड़क पर आ गए थे। एसपी सिटी अजय सिंह ने बताया कि फोर्स में कुछ कटौती भी की गई है, ताकि आफिसों के कामकाज भी चलते रहे।
बिना संसाधन कैसे संभलेगा ट्रैफिक?
न संसाधन हैं और न ही बल। ऐसे में राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था को कंट्रोल करने की बात बेमानी लगती है। इन दिनों ट्रैफिक व्यवस्था मुद्दा बनी है, लेकिन बल और संसाधन बढ़ाने पर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। मुख्यमंत्री हरीश रावत के जाम पर तेवर सख्त हैं।
यही नहीं सीएम ने दोपहर एक बजे से लेकर तीन बजे तक वीआईपी के आवागमन पर रोक लगाने की घोषणा कर दी है। हालात यह हैं कि ट्रैफिक पुलिस में बल की कमी होने के कारण अधिकारी खुद पुलिस को लेकर सड़कों पर उतर गए हैं।
इसी परिप्रेक्ष्य में अधिकारियों ने वाहनों की बढ़ती तादाद के मद्देनजर ट्रैफिक पुलिस का मांग पत्र भी अफसरों के जरिए शासन को भेजा है, जिसमें सिपाही से लेकर ट्रैफिक इंस्पेक्टरों की मांग की गई है। हालांकि ट्रैफिक के संसाधन के अनगिनत प्रस्ताव तैयार हुए, लेकिन पीएचक्यू और सरकार की उदासीनता के चलते दम तोड़ गए।
बल का डिमांड पत्र
ट्रैफिक इंस्पेक्टर: चार
ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर: 25
हेड कांस्टेबल: 75
सिपाही: 429
ट्रैफिक पुलिस में उपलब्ध बल
ट्रैफिक इंस्पेक्टर: दो
ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर: एक
हेड कांस्टेबल: 20
कांस्टेबल: 119
ट्रैफिक के बढ़ते दबाव के मद्देनजर ट्रैफिक पुलिस के बल और संसाधन बढ़ाए जाने की जरूरत है। अफसरों के जरिए सिपाही से लेकर ट्रैफिक इंस्पेक्टर उपलब्ध कराने को कहा गया है, क्योंकि पुलिस लंबे समय तक इस तरह सड़क पर नहीं रह सकती है। ट्रैफिक व्यवस्था में काफी समय लग जाने के कारण कामकाज प्रभावित हो रहा है।
- पुष्पक ज्योति, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक