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मसूरी के मुरीद थे देव आनंद
अमर उजाला, टीम डिजिटल
Updated Mon, 09 Sep 2013 05:58 PM IST
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प्रकृति की गोद में बसा मसूरी उत्तराखंड की सुदंरता का वर्णन करने के लिए काफी है। यहां के हरे-भरे पेड़ और शुद्घ वातावरण हर किसी का मन भा लेते हैं। मसूरी में ऐसी कई जगहें हैं जहां जाकर आप असीम आनंद का अहसास कर सकते हैं।
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मशहूर अभिनेता देव आनंद का घर भी मसूरी में ही है। मास्टर ब्लास्टर सचिन भी हर साल वक्त निकालकर अपने परिवार के साथ यहां पहुंचते हैं।
इस वीकेंड आप गर्मी से निजात पाने के लिए मसूरी की सैर कर सकते हैं। यहां की आबोहवा आपको तरोताजा करने के लिए काफी है। अगर यहां आप एक बार आ गए तो आपका मन यहां बार-बार को आने को करेगा।
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सर्दी के मौसम में स्नो फॉल देखने के लिए यहां सर्वाधिक संख्या में सैलानी पहुंचते हैं। गर्मियों के मौसम में सर्दी का अहसास करने के लिए देश-विदेश से लोग यहां पहुंचते हैं।
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माल रोड
मसूरी में खरीदारी करने और शाम को घूमने के लिए सबसे बेहतर जगह यही है। यहां 1980 दशक का वीडियो गेम पार्लर, मैथोडिस्ट चर्च और स्कैटिंग रिंग मौजूद है। यहां आपको तिब्बती लोग सामान की स्टॉल लगाते नजर आ जाएंगे। इसके साथ ही यहां हैंडमेड प्रोडक्ट्स भी उपलब्ध हैं।
कैंपटी फॉल
4500 फुट की ऊंचाई पर स्थित कैंपटी फॉल मसूरी के प्रसिद्घ पर्यटन स्थलों में से एक हैं। यह बेहद सुंदर झरना है जो 40 फुट की ऊंचाई से गिरता है। यह झरना देहरादून-मसूरी मार्ग पर स्थित है। 1835 में जॉन मेकिनन ने इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया था। इस जगह का नाम कैंप-टी शब्द से रखा गया है। एक ऐसी जगह जहां ब्रिटिशों द्वारा टी पार्टी आयोजित की जाती थी।
हैप्पी वैली
यह वैली आईएएस एकेडमी हाउसिंग, तिब्बतन मंदिर और म्यूनिसिपल गार्डन के लिए प्रसिद्घ है। यह वैली लाइब्रेरी प्वॉइंट के पश्चिम में मौजूद है और मसूरी के अंत तक फैली हुई है। यह स्थान गार्डन, संपदा और मंदिरों के प्रसिद्घ है। इसके साथ ही मसूरी आने वाले सैलानी काला स्कूल से हैप्पी वैली तक वॉक करना पसंद करते हैं।
क्रिस्ट चर्च
इस चर्च का निर्माण 1836 में हुआ था। यह चर्च हिमालयन रेंज के पुराने चर्चों में शुमार है। ऐसा भी माना जाता है कि यह चर्च ब्रिटिश कम्यूनिटी द्वारा बनाया गया है। यह चर्च हैरिटेज होटल के पास मौजूद है। 1906 में इग्लैंड की महारानी मैरी ने इस चर्च का दौरा किया था। उस दौरान उन्होंने एक देवदार का पेड़ भी लगाया था। यह चर्च गौथिक डिजाइन और स्थापत्य कला से बनाया गया है।
सिस्टर बाजार
ब्रिटिश हॉस्टल में सेवा करने वाली दो बहनों के नाम पर सिस्टर बाजार का नाम पड़ा। अब इस इलाके में आवासीय कॉलोनी हैं जहां पुराने कॉटेज और कुछ दुकानें हैं। यह क्षेत्र चीड़, बांज और देवदार के वृक्षों से घिरा हुआ है। अगर आप यहां आएं तो सिस्टर बाजार की प्रसिद्घ कंफेक्शनरी प्रकाश ब्रदर स्टोर में जरूर जाएं। इतना ही नहीं यहां देव आनंद, टॉम ऑल्टर और विक्टर बैनर्जी के घर भी हैं।
कैसे पहुंचे
मसूरी देहरादून से 38 किमी. की दूरी पर स्थित है। मसूरी जाने के लिए दून से समय-समय पर रोजवेज बसें चलती हैं जो एक से डेढ़ घंटे में मसूरी पहुंचाती हैं। आप मसूरी के लिए देहरादून रेलवे स्टेशन से बस ले सकते हैं।
कहां रुके
होटल विष्णु पैलेस, स्टार्स रिजेंसी, सुरभी रिजॉर्ट, पीक व्यू