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होटल और रिसॉर्ट चलाने से ही नहीं बढ़ेगा पर्यटन

Mon, 24 Feb 2014 03:20 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 24 Feb 2014 03:20 PM IST
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tourism does not increased by resort

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को परेड ग्राउंड की रैली में पर्यटन पर फोकस करने की बात कही। इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने की बात भी दोहराई।

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लेकिन सवाल यह है कि यह सब होगा कैसे? विशेषज्ञों की मानें तो केवल होटल, रिसॉर्ट चलाने, टूर से ही पर्यटन को बढ़ावा मिलने वाला नहीं।

आपदा के प्रति संवेदनशील इस राज्य में सबसे पहले जरूरत यहां के लिए अलग तीर्थाटन, पर्यटन नीति की है, जिसके निर्माण में स्थानीय भू-गर्भ विद्, पर्यावरणविद्, स्वास्थ्य, संचार विशेषज्ञों की भी राय ली जाए।
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मुख्य रूप से यह किए जाने की जरूरत
- उत्तराखंड राज्य के लिए अलग से तीर्थाटन, पर्यटन नीति घोषित किए जाने की जरूरत।
- यह वेटिकन सिटी और मक्का मदीना जैसे पवित्र स्थलों की व्यवस्था के अनुसार हो सकती है, जो आपदा न्यून हैं।
- नीति निर्माण में भूगर्भ, मौसम, स्वास्थ्य, संचार, पर्यावरणविदें, समाजशास्त्रियों का विशेषज्ञ पैनल हो।
- होटल, रेस्टोरेंट इंडस्ट्री के लिए आपदा के दृष्टिगत सर्विस टैक्स की छूट को पांच साल के लिए बढ़ाया जाए।
- सड़कों की दशा तो सुधरे ही, सभी पर्यटन स्थलों को हवाई सेवा से जोड़े जाने की है जरूरत।

यहां दो करोड़, वहां भी खास ध्यान चाहिए
उत्तराखंड में चार धाम यात्रा पहले से संचालित हो रही है। तीर्थाटन की बात करें तो बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री को मिलाकर हर साल दो करोड़ से अधिक तीर्थयात्री यहां पहुंचते हैं।
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अब ध्यान एडवेंचर टूरिज्म और नेचर, वाइल्ड लाइफ टूरिज्म पर दिए जाने की जरूरत है। पिंडारी, मिलाम ग्लेशियर के साथ ही रूपकुंड ट्रैक, राफ्टिंग, चोपता तुंगनाथ की तरफ पर्यटकों को खींचे जाने की जरूरत है।

यह बैठक भी हो सकती है अहम
एडवेंचर टूर आपरेटर्स एसोसिएशन आफ इंडिया (एटीओएआई) की ऋषिकेश में प्रस्तावित बैठक भी पर्यटन बढ़ावे के संबंध में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इसमें देश के अलावा भूटान, नेपाल के भी मिलाकर तकरीबन साढ़े चार सौ टूर आपरेटर हिस्सा लेंगे।


लग्जरी टैक्स भी घटे
उत्तराखंड होटलियर्स एसोसिएशन के संदीप साहनी के अनुसार सर्विस टैक्स की छूट तो पांच साल के लिए बढ़ाई जानी चाहिए ही, इसके अलावा लग्जरी टैक्स पर भी छूट देनी चाहिए।

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