बस 1905 नंबर मिलाओ और दर्ज हो जाएगी आपकी शिकायत
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छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए राज्य भर के लोगों को अब समाधान पोर्टल पर जाकर शिकायत दर्ज करने की दरकार नहीं रहेगी। यह काम 1905 नंबर पर महज एक कॉल करने भर से हो जाएगा। सारी तैयारियां हो चुकी हैं। छह सितंबर को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस नंबर को लांच किया।
अभी तक समाधान पोर्टल पर शिकायत करने के लिए वेबसाइट पर शिकायत अपलोड करनी होती थी, या फिर जिलाधिकारी कार्यालय जाकर पत्र देना होता था। मगर अब तीसरे विकल्प के रूप में टॉल फ्री नंबर 1905 जारी किया जा रहा है। इस नंबर पर फोन करके भी शिकायत की जा सकेगी।
बीते माह मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने समाधान पोर्टल पर आने वाली शिकायतों की समीक्षा बैठक की थी। बैठक में यह बिंदु भी सामने आया कि तमाम शिकायतकर्ता कंप्यूटर न जानने के कारण अपनी बात नहीं कह पाते हैं। इसके अलावा इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या का जिक्र भी बैठक में हुआ।
इस टोल फ्री नंबर में एक साथ 15 शिकायतें दर्ज हो सकती है। साथ ही दस दिन के भीतर आपकी शिकायत का समाधान किया जाएगा।
कॉल सेंटर से मिला आइडिया
इस पर अपर सचिव अरुणेंद्र चौहान ने फोन कॉल के जरिये शिकायतों को दर्ज कराने से जुड़ा एक प्रजेंटेशन मुख्यमंत्री को दिया। इसमें बताया गया कि यह व्यवस्था बिल्कुल उसी तरह है, जैसे तमाम कंपनी के कॉल सेंटर काम करते हैं। इसमें आने वाली सभी कॉल्स रिकॉर्ड की जाएंगी।
इसके बाद इन रिकॉर्डिंग के साथ पूरी बात को टाइप करके पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा। तत्पश्चात इसे संबंधित अधिकारी के पास समाधान के लिए भेज देंगे। मुख्यमंत्री की सहमति के बाद यह पूरी कवायद अब धरातल पर आ रही है। चार डिजिट का टोल फ्री नंबर 1905 इस सेवा के लिए एलाट हो चुका है।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उन्नत तकनीकि ही हर समस्या का हल है। समाधान पोर्टल से ज्यादा से ज्यादा लोगों की समस्याएं हल हो सकें, इसके लिए टोल फ्री नंबर जारी किया जा रहा है। यह सुशासन की ओर बढ़ाया जाने वाला महत्वपूर्ण कदम है। इसी प्रकार तकनीकि से जुड़े कई नए कल्याणकारी प्रयोग अभी और किए जाएंगे।