बाघों की सुरक्षा के लिए नंधौर में भी बनेगा टाइगर सेल, उच्च तकनीक से होगा काम
- हल्द्वानी वन प्रभाग में है 30 से अधिक बाघ
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कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में बाघों की सुरक्षा के लिए बने टाइगर सेल की तरह ही अब हल्द्वानी वन प्रभाग के नंधौर अभयारण्य में भी बाघों की सुरक्षा के लिए टाइगर सेल तैयार किया जा रहा है। हल्द्वानी वन प्रभाग में करीब 30 से अधिक बाघ हैं। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से इसके लिए हल्द्वानी डिवीजन के वन कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया है।
टाइगर सेल के लिए हल्द्वानी वन प्रभाग से पांच कर्मचारियों को कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से प्रशिक्षण दिलाया गया है। इसमें डिप्टी रेंजर प्रमोद बिष्ट, सर्वेयर रेनू आर्या, फारेस्ट गार्ड हरीश बरोलिया, ममता गोस्वामी और कंप्यूटर ऑपरेटर महेश बिष्ट शामिल हैं।
सर्वेयर रेनू आर्या को सेल प्रभारी नियुक्त किया गया है। सेल तीन चरणों में काम करेगी पहले चरण में एम स्ट्रिप्स एप से गश्ती दल की निगरानी की जाएगी। दूसरे चरण में रेंज स्तर से डिवीजन स्तर पर इसका डाटा अपलोड किया जाएगा।
तीसरे चरण में गश्त के दौरान जहां-जहां वन्यजीवों का मूवमेंट दिखा है वहां ग्रास रूट, वाटर होल आदि बनाने का काम किया जाएगा। सेल हर रेंज के पांच कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण देगी।
नंधौर में बाघों की संख्या अधिक होने के साथ ही यहां नंधौर वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी भी है। बाघों की सुरक्षा को देखते हुए कॉर्बेट की तरह टाइगर सेल बनाया जा रहा है जो उच्च तकनीक के साथ काम करेगी।
-कुंदन कुमार, डीएफओ हल्द्वानी वन प्रभाग