भाजपा के इन सीटिंग विधायकों के टिकट पर संकट के बादल
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शुक्रवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने स्टेट पार्लियामेंट्री बोर्ड के पैनल में शामिल प्रत्येक सीट से तीन-तीन दावेदारों के नाम राष्ट्रीय नेतृत्व को सौंपे। इस पर सुबह करीब दस बजे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के आवास पर चर्चा शुरू हुई। बोर्ड ने सबसे पहले सीटिंग विधायकों की सीटों पर टिकट को लेकर चर्चा की।
सूत्रों के अनुसार, ऐसी सभी विधानसभा सीटें जहां सीटिंग विधायक के अलावा कोई बड़ा दावेदार नहीं है, उन्हें न छेड़ने का निर्णय लिया गया है। केवल गढ़वाल की तीन और कुमाऊं की एक विधानसभा सीट पर नए प्रत्याशी उतारे जाने की संभावना है।
कांग्रेस के बागियों ने बढ़ाई भाजपा विधायकों की मुश्किल
दरअसल, कांग्रेस से भाजपा में आए हरक सिंह रावत ने कोटद्वार और लैंसडौन से टिकट मांगा है। उनकी पहली प्राथमिकता लैंसडौन विधानसभा बताई जा रही है।
वहीं, अमृता रावत ने चौबट्टाखाल सीट से टिकट मांगा है। ऐसे में लैंसडौन से सीटिंग विधायक दिलीप रावत और चौबट्टाखाल से तीरथ सिंह रावत का टिकट खतरे में पड़ सकता है। यही स्थिति यमकेश्वर सीट पर है, जहां पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूडी की बेटी ऋतु खंडूड़ी ने टिकट की दावेदारी की है।
वहीं, कुमाऊं में रुद्रपुर विधायक राजकुमार ठुकराल का टिकट भी खतरे में बताया जा रहा है। हालांकि, यहां किसे टिकट मिलने की संभावना है, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। बैठक में प्रदेश के पांचों सांसद, विजय बहुगुणा, प्रदेश प्रभारी जेपी नड्डा, धर्मेंद्र प्रधान, प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, राष्ट्रीय महामंत्री संगठन रामलाल, राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन शिवप्रकाश, प्रदेश महामंत्री संगठन संजय और सतपाल महाराज मौजूद रहे।
दावेदारों ने दिल्ली में जमाया डेरा
विधानसभा टिकट के ज्यादातर दावेदारों ने दिल्ली में डेरा डाला है। दावेदार अपने-अपने गॉड फादर की परिक्रमा कर टिकट पक्का करने की जुगत भिड़ा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, नरेंद्रनगर से ओमगोपाल रावत, पुरोला से मालचंद, कोटद्वार से शैलेंद्र रावत, रुद्रप्रयाग से मातबर सिंह कंडारी, कैंट से नीलम सहगल, डोईवाला से सौरभ थपलियाल, धर्मपुर से विनोद चमोली, उमेश अग्रवाल व भूपेंद्र कंडारी, जसपुर से सीमा चौहान, सितारगंज से मोहन पाल, केदारनाथ से अजेंद्र अजय, राजपुर से रविंद्र कटारिया और अमर सिंह स्वेडिया, यमुनोत्री से मनवीर चौहान, गंगोत्री से सूरतराम नौटियाल, ऋषिकेश से गोविंद अग्रवाल ने दिल्ली में डेरा जमाया है।