उत्तराखंड की तीन परियोजनाओं की बिजली निकासी करेगा पिटकुल
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एनटीपीसी समेत तीन कंपनियों की तीन निर्माणाधीन विद्युत परियोजनाओं के पूरा होने पर बिजली की निकासी पिटकुल की ट्रांसमिशन लाइनों से होगी। पिटकुल और एनटीपीसी के बीच भी इसके अनुबंध पर हस्ताक्षर हो गए हैं। दो अन्य कंपनियों से पूर्व में ही अनुबंध हो चुका है।
ये कंपनियां ट्रांसमिशन लाइनों का इस्तेमाल करने का किराया पिटकुल को देंगी। जिससे पिटकुल को सालाना लगभग 45 करोड़ रुपये की आय होगी। साथ ही कुल उत्पादन की 12 प्रतिशत बिजली उत्तराखंड को निशुल्क मिलेगी।
सहारनपुर रोड स्थित पावर ट्रांसमिशन आफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) और नेशनल थर्मल पावर कारपोरेशन (एनटीपीसी) के बीच पिटकुल मुख्यालय में अनुबंध पर हस्ताक्षर हुए।
एनटीपीसी से अनुबंध न होने से लेनको और एलएंडटी से हुए अनुबंध का फायदा मिलने की राह भी मुश्किल हो रही थी। पिटकुल द्वारा इन ट्रांसमिशन लाइनों से एनटीपीसी के 520 मेगावाट की तपोवन विष्णुगाड, एलएंडटी के 99 मेगावाट की सिंगोली भटवाड़ी और लैनको के 76 मेगावाट फाटाभ्यूंग की बिजली की निकासी होनी है।
रायल्टी के रूप में मिलेगी बिजली
वर्ष 2018 तक फाटाभ्यूंग व सिगोली भटवाड़ी परियोजना और वर्ष 2019 के अंत तक तपोवन विष्णुगाड परियोजना की बिजली निकासी होने लगेगी। तपोवन विष्णुगाड परियोजना परियोजना से राज्य को 82 प्रतिशत बिजली मिलेगी। जिसमें 63 मेगावाट बिजली रायल्टी के रूप में निशुल्क मिलेगी।
अन्य दो परियोजनाओं से भी 12 प्रतिशत रायल्टी के रूप में प्रदेश को निशुल्क बिजली प्राप्त होगी। एनटीपीसी से हुए अनुबंध के तहत, पिटकुल द्वारा 400 केवी डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन तपोवन विष्णुगाड से पीपलकोटी, पीपलकोटी से श्रीनगर (खद्दूखाल) और श्रीनगर से काशीपुर तक बनाई जाएगी।
अनुबंध हस्ताक्षरित होने के अवसर पर पिटकुल की ओर से प्रबंध निदेशक एसएन वर्मा, निदेशक (परियोजना) एसके शर्मा, चीफ इंजीनियर (कमर्शियल) कमलकांत और एनटीपीसी की ओर से रीजनल एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर केके सिंह शामिल रहे।