तीन संवासिनियां पहुंची अस्पताल, तीन दिन में हुईं 8
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नारी निकेतन पहुंचकर डॉक्टरों की टीम ने संवासिनियों का चेकअप किया तो तीन और संवासिनियों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। सोमवार को चार संवासिनियों को भर्ती कराया गया था। इससे पहले एक संवासिनी रजिया भर्ती थी।
इस तरह तीन दिनों में आठ संवासिनियों को दून अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जबकि इससे पहले दो संवासिनियों की बीमारी की वजह से मौत हो चुकी है। डॉक्टरों के मुताबिक दून अस्पताल में भर्ती सभी संवासिनियों की हालत स्थिर है। वहीं, दून अस्पताल में भर्ती संवासिनियों के लिए आइसोलेशन (अलग) वार्ड बनाया गया है। इस वार्ड में हीटर, गर्म कपड़ों और विशेष देखभाल की व्यवस्था की गई है।
मंगलवार को दून अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने नारी निकेतन पहुंचकर संवासिनियों के स्वास्थ्य की जांच की। वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एनएस खत्री, फिजीशियन डॉ. हरीश बसेरा और डायटिशियन ऋचा कुकरेती ने संवासिनियों के स्वास्थ्य की जांच की।
अस्पताल में संवासिनियों के लिए बनाया गया अलग वार्ड
जांच के बाद उन्होंने तीन संवासिनियों शालिनी (45), कुसुम (35) और आसमां (40) को दून अस्पताल में भर्ती कराने का निर्देश दिया। शालिनी को मिर्गी, कुसुम को छाती में गांठ और आसमां को अधिक कमजोरी की शिकायत के बाद अस्पताल भेजा गया।
प्रारंभिक जांच के बाद इन्हें आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया गया है। अस्पताल में पहले से भर्ती हिना (22), रामदुलारी (40), इंद्रावती (25), कंचन (45) और रजिया (36) की हालत स्थिर है।
अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डॉ. डीएस रावत ने बताया कि संवासिनियों को किसी तरह की समस्या ना हो, इसलिए उन्हें आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। सीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि सभी संवासिनियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।