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संशोधित : स्टिंग प्रकरण में तीन नेताओं ने मांगा समय, अब सुनवाई 15 को
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2016 के चर्चित स्टिंग प्रकरण में मंगलवार को तीन नेताओं ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से अदालत से समय मांगा। उन्हें वाॅयस सैंपल के संबंध में स्पेशल सीबीआई कोर्ट में जवाब दाखिल करना था। इस पर न्यायालय ने मामले में सुनवाई के लिए 15 जुलाई की तिथि नियत की है। जबकि, विधायक खानपुर की ओर से पहुंचे अधिवक्ता ने इस केस से संबंधित दस्तावेजों को उपलब्ध कराने की मांग की है। अब सभी को 15 जुलाई को ही जवाब दाखिल करना होगा।
बता दें कि 2016 में उस वक्त पत्रकार रहे खानपुर विधायक उमेश शर्मा ने तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत का स्टिंग ऑपरेशन किया था। इसमें विधायकों की खरीद-फरोख्त की बात कही गई थी। इस वीडियो के सामने आने के बाद राजनीति में भूचाल आ गया था। इसके कारण हरीश रावत की सरकार भी नहीं बच सकी थी, लेकिन बाद में हाईकोर्ट के आदेश से सरकार बहाल हुई थी। कुछ दिन बाद एक और स्टिंग वीडियो सामने आया, जिसमें विधायक मदन बिष्ट की आवाज होने का दावा किया गया था। यह मामला सीबीआई दिल्ली शाखा में दर्ज किया गया था।
पिछले दिनों स्पेशल सीबीआई जज धर्मेंद्र अधिकारी की कोर्ट ने तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत, कांग्रेस विधायक मदन बिष्ट और स्टिंग करने वाले उस वक्त के पत्रकार और अब खानपुर विधायक उमेश शर्मा को अपना वॉयस सैंपल देने के लिए नोटिस जारी किए थे। इसके लिए इन सभी नेताओं से खुद या अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से चार जुलाई को अदालत में पेश होकर जवाब दाखिल करने को कहा गया था। नियत तिथि पर हरीश रावत और मदन बिष्ट की ओर से उनके अधिवक्ता विवेक गुप्ता और हरक सिंह रावत की ओर से अधिवक्ता एसएस रावत उपस्थित हुए।
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अधिवक्ताओं ने इन नेताओं की ओर से अगली तिथि लगाने की मांग की। इधर, विधायक उमेश शर्मा की ओर से अधिवक्ता रजनीश गुप्ता कोर्ट में पहुंचे। उन्होंने इस केस संबंधित दस्तावेज उन्हें उपलब्ध कराए जाने की मांग की। विधायक उमेश शर्मा का कहना है कि उन्हें इस बात से कोई एतराज नहीं है, जो भी कोर्ट का आदेश होगा वह मान्य होगा।
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बता दें कि 2016 में उस वक्त पत्रकार रहे खानपुर विधायक उमेश शर्मा ने तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत का स्टिंग ऑपरेशन किया था। इसमें विधायकों की खरीद-फरोख्त की बात कही गई थी। इस वीडियो के सामने आने के बाद राजनीति में भूचाल आ गया था। इसके कारण हरीश रावत की सरकार भी नहीं बच सकी थी, लेकिन बाद में हाईकोर्ट के आदेश से सरकार बहाल हुई थी। कुछ दिन बाद एक और स्टिंग वीडियो सामने आया, जिसमें विधायक मदन बिष्ट की आवाज होने का दावा किया गया था। यह मामला सीबीआई दिल्ली शाखा में दर्ज किया गया था।
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पिछले दिनों स्पेशल सीबीआई जज धर्मेंद्र अधिकारी की कोर्ट ने तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत, कांग्रेस विधायक मदन बिष्ट और स्टिंग करने वाले उस वक्त के पत्रकार और अब खानपुर विधायक उमेश शर्मा को अपना वॉयस सैंपल देने के लिए नोटिस जारी किए थे। इसके लिए इन सभी नेताओं से खुद या अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से चार जुलाई को अदालत में पेश होकर जवाब दाखिल करने को कहा गया था। नियत तिथि पर हरीश रावत और मदन बिष्ट की ओर से उनके अधिवक्ता विवेक गुप्ता और हरक सिंह रावत की ओर से अधिवक्ता एसएस रावत उपस्थित हुए।
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अधिवक्ताओं ने इन नेताओं की ओर से अगली तिथि लगाने की मांग की। इधर, विधायक उमेश शर्मा की ओर से अधिवक्ता रजनीश गुप्ता कोर्ट में पहुंचे। उन्होंने इस केस संबंधित दस्तावेज उन्हें उपलब्ध कराए जाने की मांग की। विधायक उमेश शर्मा का कहना है कि उन्हें इस बात से कोई एतराज नहीं है, जो भी कोर्ट का आदेश होगा वह मान्य होगा।