उत्तराखंड मौसम अपडेट: अगले तीन दिन भारी इन सात जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, हाईवे बदहाल
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प्रदेश में अगले तीन दिन भारी बारिश होने का अनुमान है। विशेषकर सात जिलों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अलर्ट के बाद शासन ने एडवाइजरी जारी की है। आपदा परिचालन केंद्र ने भी सभी जिलाधिकारियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। वहीं शुक्रवार को देर शाम देहरादून में झमाझम बारिश शुरू हो गई, जिससे लोग दहशत में आ गए।
मौसम विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार शनिवार से सोमवार तक प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में भारी बारिश होने का अनुमान है। खास तौर पर देहरादून, पौड़ी, टिहरी, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, चंपावत और पिथौरागढ़ में बहुत भारी बारिश हो सकती है। मौसम केंद्र प्रभारी बिक्रम सिंह ने बताया कि अन्य क्षेत्रों में भी भारी बारिश होने की आशंका को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग की ओर से चेतावनी जारी होने के बाद शासन ने भी सभी जिलाधिकारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
आपदा परिचालन केंद्र ने उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही रोकने, रात आठ बजे से सुबह पांच बजे के दौरान आपातकालीन वाहनों को छोड़कर अन्य का संचालन बंद करने और एसडीआरएफ और अन्य बचाव एजेंसियों को तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा बंद सड़कों को खोलने के लिए लोनिवि, सीपीडब्ल्यूडी, बीआरओ, पीएमजीएसवाई समेत अन्य एजेंसियों को भी तैयार रहने को कहा गया है।
लामबगड़ में पानी और पत्थरों में फंस रहे यात्रा वाहन
लामबगड़ नाले में बदरीनाथ हाईवे की स्थिति बेहद खतरनाक बनी है। भारी बारिश होने पर नाले का जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे यात्रा वाहनों की आवाजाही मुश्किल से हो पा रही है। लामबगड़ में करीब तीस मीटर तक हाईवे नदी में तब्दील हो गया है, जिससे छोटे वाहन पानी और पत्थरों में फंस रहे हैं।
कंपनी की जेसीबी और मजदूर लगातार हाईवे को सुचारु करने में जुटे हुए हैं, लेकिन रुक-रुककर हो रही भारी बारिश से हाईवे के सुधारीकरण का कार्य बाधित हो रहा है। लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र में भी बारिश होने पर पत्थर और मलबा हाईवे पर आ रहे हैं। सुरक्षा को देखते हुए गोविंदघाट पुलिस प्रशासन की ओर से वाहनों की आवाजाही रुक-रुककर की जा रही है। मेकाफेरी कंपनी के इंजीनियर हिमांशु का कहना है कि लामबगड़ मशीनों के जरिए पानी की निकासी कर यात्रा वाहनों की आवाजाही सुचारु कराई जा रही है। मौसम सामान्य होने पर लामबगड़ नाला और भूस्खलन जोन का स्थायी ट्रीटमेंट किया जाएगा।
यमुनोत्री हाईवे खुला पर वाहनों की आवाजाही पर रोक
यमुनोत्री हाईवे के लिए नासूर बने ओजरी-डबरकोट स्लाइड जोन में हुए भूस्खलन का मलबा साफ कर एक बार फिर से मार्ग खोल दिया गया है। हालांकि दोबारा भूस्खलन की आशंका को देखते हुए फिलहाल यहां वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित की गई है। उधर, बृहस्पतिवार शाम डबराणी के पास भूस्खलन से अवरुद्ध गंगोत्री हाईवे शुक्रवार सुबह साढ़े नौ बजे खुल पाया। सड़क खुलने पर ही हर्षिल की ओर फंसे डीएम डॉ. आशीष चौहान और प्रशासन के अन्य अधिकारियों सहित कांवड़ यात्री गंतव्य को लौट सके। वहीं मौसम विज्ञान विभाग ने नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, चंपावत, पिथौरागढ़, पौड़ी, टिहरी और देहरादून जिलों में शनिवार से 13 अगस्त तक कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। ब्यूरो
अधिकारियों, पुलिसकर्मियों को अलर्ट रहने के निर्देश
मौसम विज्ञान विभाग ने नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, चंपावत, पिथौरागढ़, पौड़ी, टिहरी और देहरादून जिलों में शनिवार से 13 अगस्त तक कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
इसे देखते हुए चंपावत डीएम एसएन पांडेय ने सभी एसडीएम, तहसीलदार, राजस्व निरीक्षकों और आईआरएस सिस्टम से जुड़े अधिकारियों, पुलिसकर्मियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राजस्व कर्मियों को नदी-नालों और गधेरों के समीप रहने वाले चिह्नित परिवारों को सचेत करने, खतरे में आ रहे परिवारों को सुरक्षित आवास स्थान मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जनसामान्य से अनुरोध किया है कि भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए बहुत जरूरी होने पर यात्रा करें।
आपदा की मार से बागेश्वर जिले में चार मोटर मार्ग शुक्रवार को बंद रहे। इन सड़कों पर यातायात ठप रहने से 20 हजार की आबादी परेशान रही। सड़कों के यातायात पर निर्भर ग्रामीण गांव में ही कैद हो गए। जरूरी हालातों में ग्रामीणों को कई किमी पैदल दूरी भी नापनी पड़ी। दूसरी ओर भारी बारिश के बीच दो और मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं।