उत्तराखंड के पूर्व CM निशंक को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले बरी
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मुख्यमंत्री रहते डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले दो आरोपियों को अदालत ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। यह धमकी 2010 में पुलिस कंट्रोल रूम में दी गई थी। महिला कांस्टेबल की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था।
कंट्रोल रूम में तैनात महिला कांस्टेबल मीना नेगी ने तीन अगस्त 2010 को शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि एक मोबाइल नंबर से धमकी दी गई है कि 15 अगस्त को मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक को बम से उड़ा दिया जाएगा।
पुलिस ने काल डिटेल के आधार पर देहरादून में रहने वाले मनोज कुमार निवासी सिलिंग मुनस्यारी पिथौरागढ़ और शंकर सिंह निवासी गुगली पट्टी चमोली को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस नहीं पेश कर सकी मजबूत सबूत
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष कांस्टेबल के अलावा कोई दूसरा गवाह पेश नहीं कर पाया। महिला कांस्टेबल भी अपने बयानों में साफ तौर से नहीं कह पाई थी कि वास्तव में उनका इरादा धमकी देना था या किसी तरह का मजाक किया गया था।
आरोपी पक्ष के अधिवक्ता संजीव शर्मा ने कांस्टेबल से लंबी जिरह किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के तर्कों को सही नहीं माना। अदालत ने अपने फैसले में दोनों आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।