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मार्कण्डेय मंदिर में विराजमान हुए तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ, छह महीने यहीं होंगे दर्शन
Fri, 06 Nov 2020 07:09 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऊखीमठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऊखीमठ
Published by: अलका त्यागी
Updated Fri, 06 Nov 2020 07:09 PM IST
सार
- बाबा के जयकारों से गूंजा क्षेत्र, अब छह माह श्रद्धालु यहीं कर सकेंगे दर्शन
- आकाशकामिनी नदी में किया आराध्य तृतीय केदार ने स्नान
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तुंगनाथ
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ अपने शीतकालीन गद्दीस्थल मार्केण्डेय मंदिर मक्कूमठ में विराजमान हो गए है। अब अगले छह माह तक भगवान तुंगनाथ की पूजा अर्चना यहीं की जाएगी। पुजारियों द्वारा विधि-विधान के साथ आराध्य की भोगमूर्तियों को मंदिर के गर्भगृह में स्थापित कर दिया गया है। इस दौरान पूरा क्षेत्र बाबा तुंगनाथ के जयकारों से गूंज उठा।
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शुक्रवार को भगवान तुंगनाथ की चल उत्सव विग्रह डोली दोपहर बाद दो बजे मार्केण्डेय मंदिर मक्कूमठ पहुंची। मुख्य मंदिर की तीन परिक्रमा के बाद डोली भूतनाथ मंदिर पहुंची और दर्शनों के उपरांत मुख्य मंदिर के सभा मंडप में विराजमान हो गई।
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इस मौके पर मक्कुमठ गांव के ग्रामीणों ने आराध्य के दर्शन कर उन्हें सामूहिक अर्घ्य लगाया। मौके पर पुजारियों ने मठाधिपति राम प्रसाद मैठाणी के हाथों विशेष पूजा-अर्चना एवं दान परंपरा का निर्वहन कराया। इसके उपरांत तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ की भोग मूर्तियों को मार्केण्डेय मंदिर के गर्भगृह में छह माह की पूजा-अर्चना के लिए विराजमान किया गया।
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इससे पूर्व पूर्वाह्न 11 बजे तृतीय केदार की चल उत्सव डोली ने भनकुन गुफा से शीतकालीन गद्दीस्थल मक्कूमठ के लिए प्रस्थान किया। गुर्जर ग्वाड़ के ग्रामीणों द्वारा भगवान को सामूहिक अर्घ्य लगाया गया। यहां से आगे बढ़ते हुए आराध्य ने आकाशकामिनी नदी में स्नान किया। और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप और भक्तों के जयकारों के बीच तृतीय केदार की चल उत्सव विग्रह डोली शीतकालीन गद्दीस्थल मक्कूमठ पहुंची।
इस मौके पर तुंगनाथ मंदिर के प्रबंधक प्रकाश पुरोहित, पुजारी अतुल मैठाणी, विनोद मैठाणी, सुरेंद्र मैठाणी, गीतराम मैठाणी, प्रकाश मैठाणी, चंद्रबल्लभ मैठाणी, आचार्य लंबोधर मैठाणी, विजय मैठाणी, रवींद्र मैठाणी, ग्राम प्रधान विजयपाल सिंह नेगी, उमा दत्त मैठाणी सहित कई भक्तजन मौजूद थे।