चर्चित यौन शोषण मामले में तब हरक ने गंवाई थी कुर्सी
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भाजपा नेता हरक सिंह रावत 13 वर्ष पहले जिस चर्चित शारीरिक शोषण कांड से निशाने पर आए थे, अब दोबारा उसी युवती ने उन पर रेप का मुकदमा दर्ज करवाया है। वर्ष 2003 में युवती ने हरक सिंह पर आरोप लगाया था कि नौकरी देने का झांसा देकर उससे शारीरिक संबंध बनाए।
संबंधों के चलते युवती गर्भवती हुई और एक बच्चे को जन्म दिया, जिसका पिता भी उसने हरक को ठहराया था। तब विपक्ष के दबाव में हरक को अपना कैबिनेट मंत्री पद छोड़ना पड़ा था। आरोपों पर हरक सिंह के खिलाफ सीबीआई जांच भी बैठी। हालांकि सीबीआई जांच में हरक सिंह के डीएनए सैंपल मैच नहीं करने से क्लीन चिट मिल गई थी।
वर्ष 2002 में एनडी तिवारी प्रदेश के मुख्यमंत्री बने तो हरक सिंह को उन्होंने कैबिनेट में राजस्व मंत्री का पद दिया। एक वर्ष बाद ही पूर्वोत्तर (असम) की रहने वाली एक महिला ने हरक सिंह पर आरोप लगाया कि उसके नवजात बच्चे के पिता हरक सिंह हैं। महिला का आरोप था कि हरक सिंह ने उन्हें नौकरी दिलवाने का झांसा देकर उसका लंबे समय तक शारीरिक शोषण किया, जिसके कारण वह गर्भवती हुई।
हुई सीबीआई जांच, नहीं मिला डीएनए सैंपल
उसके आरोपों को हरक सिंह ने सिरे से खारिज किया, लेकिन भाजपा ने इसे मुद्दा बनाया। भाजपा के मामले को सियासी रंग देने के बाद हरक सिंह को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। तब हरक सिंह ने एलान किया कि वह आरोपों से पाक साफ निकलेंगे, तभी मंत्री की कुर्सी पर बैठेंगे। हरक ने इसे साजिश बताकर कुछ लोगों पर संगीन आरोप जड़े।
विपक्ष के दबाव में युवती के आरोपों पर शहर कोतवानी में हरक के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद सरकार ने मामले की सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी। बच्चे के असल पिता का पता लगाने के लिए हरक सिंह रावत का भी डीएनए टेस्ट करवाया गया, जिसमें हरक के सैंपल मैच नहीं होने की बात सामने आई।
हालांकि जब हरक सिंह पर आरोप साबित नहीं हुए तो विपक्ष का यह भी आरोप था कि डीएनए रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं कर सरकार ने मामले को रफा-दफा किया है। इस दौरान महिला कुछ दिन नारी निकेतन में रही, जिसके बाद उसे अपने प्रदेश छोड़ दिया गया।
कुछ समय पहले युवती दोबारा आई थी हरक के संपर्क में
बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले युवती दोबारा हरक सिंह रावत के संपर्क में आई थी, जिसके बाद यह ताजा मुकदमा दर्ज हुआ है। इस मामले के संबंध में हरक सिंह रावत से देर शाम तक बातचीत के लिए लगातार संपर्क किया, लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई। हालांकि शनिवार सुबह मामला दर्ज होने की सूचना पर जब उनसे फोन पर संपर्क साधा तो उन्होंने बताया था कि ऐसा कोई मुकदमा किसी महिला ने करवाया है, उसकी सूचना पुलिस से नहीं मिली है।
महिला भी करवा चुकी है मुकदमा
मेरठ की महिला ने भी वर्ष 2014 में तत्कालीन कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत पर छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज करवाया था। महिला ने तहरीर दी थी कि वह नौकरी के सिलसिले में हरक सिंह से उनके दिल्ली स्थित आवास पर मिली थी, जहां उससे मंत्री ने छेड़छाड़ की है। महिला ने दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था, लेकिन बाद में मामले की जांच के दौरान सत्यता नहीं पाई गई।