{"_id":"6919d2868fcd0b31f00d1024","slug":"the-temple-resounded-with-the-chants-of-the-deity-vikas-nagar-news-c-39-1-vkn1004-126527-2025-11-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: महासू देवता के जयकारों से गूंजे मंदिर परिसर, भक्तों ने किए देश दर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: महासू देवता के जयकारों से गूंजे मंदिर परिसर, भक्तों ने किए देश दर्शन
विज्ञापन
- मार्गशीर्ष माह की संक्रांति पर महासू मंदिरों में देव दर्शन के लिए लगी रही भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
साहिया। मार्गशीर्ष माह के आगमन की संक्रांति पर दसऊ व दोहा गांव स्थित छत्रधारी चालदा महासू देवता के मंदिरों में दिनभर भीड़ लगी रही। श्रद्धालुओं ने देव दर्शन कर परिवार की सुख-समृृद्धि के लिए प्रार्थनाएं कीं। इस मौके पर मंदिर परिसर में आयोजित भंडारे में बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद भी ग्रहण किया।
दसऊ और दोहा गांव स्थित मंदिरों में सुबह से ही भीड़ जुटनी शुरू हो गई। दिनभर महासू देवता के जयकारों से पूरा परिसर गूंजता रहा। देर शाम तक देव दर्शन का क्रम जारी रहा। दसऊ के स्याणा और मंदिर समिति के अध्यक्ष शूरवीर सिंह चौहान व दोहा मंदिर समिति के अध्यक्ष राजेंद्र तोमर ने बताया कि कार्तिक माह की समाप्ति व मार्गशीर्ष माह की शुरुआत की संक्रांति धार्मिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन लोग पूजा-अर्चना व अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में प्रतिभाग कर धर्मलाभ प्राप्त करते हैं। उन्होंने बताया कि दोनों मंदिरों में चार हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने देव दर्शन किए। श्रद्धालुओं के अधिक संख्या में आने की संभावनाओं को देखते हुए पहले से ही मंदिर परिसरों में आवश्यक प्रबंध किए गए थे।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
साहिया। मार्गशीर्ष माह के आगमन की संक्रांति पर दसऊ व दोहा गांव स्थित छत्रधारी चालदा महासू देवता के मंदिरों में दिनभर भीड़ लगी रही। श्रद्धालुओं ने देव दर्शन कर परिवार की सुख-समृृद्धि के लिए प्रार्थनाएं कीं। इस मौके पर मंदिर परिसर में आयोजित भंडारे में बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद भी ग्रहण किया।
दसऊ और दोहा गांव स्थित मंदिरों में सुबह से ही भीड़ जुटनी शुरू हो गई। दिनभर महासू देवता के जयकारों से पूरा परिसर गूंजता रहा। देर शाम तक देव दर्शन का क्रम जारी रहा। दसऊ के स्याणा और मंदिर समिति के अध्यक्ष शूरवीर सिंह चौहान व दोहा मंदिर समिति के अध्यक्ष राजेंद्र तोमर ने बताया कि कार्तिक माह की समाप्ति व मार्गशीर्ष माह की शुरुआत की संक्रांति धार्मिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन लोग पूजा-अर्चना व अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में प्रतिभाग कर धर्मलाभ प्राप्त करते हैं। उन्होंने बताया कि दोनों मंदिरों में चार हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने देव दर्शन किए। श्रद्धालुओं के अधिक संख्या में आने की संभावनाओं को देखते हुए पहले से ही मंदिर परिसरों में आवश्यक प्रबंध किए गए थे।
विज्ञापन