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आढ़त बाजार : जमीन के रेट और मुआवजा तय करें, तभी हो भूमि का अधिग्रहण
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Iआढ़त व्यापारियों ने कहा, एमडीडीए की ओर से स्थिति नहीं साफ की जा रहीI
नए आढ़त बाजार के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। चहारदीवारी का टेंडर आवंटित करने के साथ ही व्यापारियों से उनकी जमीन अधिग्रहीत करने के लिए दस्तावेज जमा कराए जाने लगे हैं, लेकिन आढ़त व्यापारी अभी संशय में हैं। उनका कहना है कि एमडीडीए ने उन लोगों को अधिग्रहीत जमीन के मुआवजे की दर और नए आढ़त बाजार में आवंटित होने वाले प्लॉट के रेट नहीं बताए हैं।
इससे व्यापारी प्लाट आवंटन के लिए अपना बजट तय नहीं कर पा रहे हैं। आढ़त व्यापारियों ने एमडीडीए से जल्द दर तय कर अवगत कराने के लिए कहा है। देहरादून को आढ़त बाजार के जाम से छुटकारा दिलाने के लिए हरिद्वार बाईपास के निकट पटेलनगर थाने के पीछे नई आढ़त मंडी बनाई जा रही है। नया आढ़त बाजार ब्राह्मणवाला व निरंजनपुर स्थित एमडीडीए की भूमि पर बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। नए आढ़त बाजार में व्यापारियों को प्लॉट मुफ्त में देने पर कैबिनेट में मंजूरी दी गई थी। कहा गया कि आढ़त बाजार विस्थापन में व्यापारियों को प्लॉटों के बदले कोई कीमत अदा नहीं करनी होगी।
पुरानी आढ़त बाजार में व्यापारियों की अधिग्रहीत भूमि के बदले दोगुनी कीमत के प्लॉट नए आढ़त बाजार में आवंटित किए जाएंगे, लेकिन व्यापारियों को एमडीडीए का गणित समझ नहीं आ रहा। आढ़त एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र गोयल ने कहा, व्यापारियों की जमीनों को लेकर सरकार किस दर से मुआवजा देगी, उनके भवनों का मूल्यांकन किस तरह से किया जाएगा। इसके बदले दिए जाने वाले प्लॉट साइज निर्धारित करने का पैमाना क्या होगा, यह तमाम सवाल व्यापारियों के जेहन में हैं, लेकिन इनका जवाब नहीं मिल पा रहा है।
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Iसबसे पहले होगा चहारदीवारी का कामI
अत्याधुनिक आढ़त बाजार 7.7493 हेक्टेयर भूमि में बनाने के लिए धरातल पर काम शुरू कर दिया गया है। सबसे पहले बाउंड्री बनाने का काम किया जाएगा। इसके बाद बिजली, पानी, पार्किंग, सड़क आदि की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। व्यापारियों को प्लॉटों की रजिस्ट्री के लिए स्टांप शुल्क और डेवलपमेंट चार्ज का खर्च उठाना होगा। वहीं, आवश्यकता के अनुसार व्यावसायिक नक्शा बनवाकर एमडीडीए से पास करवाना होगा।
Iनए आढ़त बाजार पर काम चल रहा है, चहारदीवारी का टेंडर किया जा चुका है। अब अन्य टेंडर आवंटित करने पर काम तेज किया जाएगा। किसी प्रकार की कोई दुविधा नहीं है, एक निर्धारित फार्मूले से सभी को मुआवजा दिया जाएगा। इसी के आधार पर नए आढ़त बाजार में प्लॉट साइज निर्धारित किए जाएंगे।
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I- बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष, एमडीडीएI
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नए आढ़त बाजार के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। चहारदीवारी का टेंडर आवंटित करने के साथ ही व्यापारियों से उनकी जमीन अधिग्रहीत करने के लिए दस्तावेज जमा कराए जाने लगे हैं, लेकिन आढ़त व्यापारी अभी संशय में हैं। उनका कहना है कि एमडीडीए ने उन लोगों को अधिग्रहीत जमीन के मुआवजे की दर और नए आढ़त बाजार में आवंटित होने वाले प्लॉट के रेट नहीं बताए हैं।
इससे व्यापारी प्लाट आवंटन के लिए अपना बजट तय नहीं कर पा रहे हैं। आढ़त व्यापारियों ने एमडीडीए से जल्द दर तय कर अवगत कराने के लिए कहा है। देहरादून को आढ़त बाजार के जाम से छुटकारा दिलाने के लिए हरिद्वार बाईपास के निकट पटेलनगर थाने के पीछे नई आढ़त मंडी बनाई जा रही है। नया आढ़त बाजार ब्राह्मणवाला व निरंजनपुर स्थित एमडीडीए की भूमि पर बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। नए आढ़त बाजार में व्यापारियों को प्लॉट मुफ्त में देने पर कैबिनेट में मंजूरी दी गई थी। कहा गया कि आढ़त बाजार विस्थापन में व्यापारियों को प्लॉटों के बदले कोई कीमत अदा नहीं करनी होगी।
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पुरानी आढ़त बाजार में व्यापारियों की अधिग्रहीत भूमि के बदले दोगुनी कीमत के प्लॉट नए आढ़त बाजार में आवंटित किए जाएंगे, लेकिन व्यापारियों को एमडीडीए का गणित समझ नहीं आ रहा। आढ़त एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र गोयल ने कहा, व्यापारियों की जमीनों को लेकर सरकार किस दर से मुआवजा देगी, उनके भवनों का मूल्यांकन किस तरह से किया जाएगा। इसके बदले दिए जाने वाले प्लॉट साइज निर्धारित करने का पैमाना क्या होगा, यह तमाम सवाल व्यापारियों के जेहन में हैं, लेकिन इनका जवाब नहीं मिल पा रहा है।
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Iसबसे पहले होगा चहारदीवारी का कामI
अत्याधुनिक आढ़त बाजार 7.7493 हेक्टेयर भूमि में बनाने के लिए धरातल पर काम शुरू कर दिया गया है। सबसे पहले बाउंड्री बनाने का काम किया जाएगा। इसके बाद बिजली, पानी, पार्किंग, सड़क आदि की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। व्यापारियों को प्लॉटों की रजिस्ट्री के लिए स्टांप शुल्क और डेवलपमेंट चार्ज का खर्च उठाना होगा। वहीं, आवश्यकता के अनुसार व्यावसायिक नक्शा बनवाकर एमडीडीए से पास करवाना होगा।
Iनए आढ़त बाजार पर काम चल रहा है, चहारदीवारी का टेंडर किया जा चुका है। अब अन्य टेंडर आवंटित करने पर काम तेज किया जाएगा। किसी प्रकार की कोई दुविधा नहीं है, एक निर्धारित फार्मूले से सभी को मुआवजा दिया जाएगा। इसी के आधार पर नए आढ़त बाजार में प्लॉट साइज निर्धारित किए जाएंगे।
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I- बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष, एमडीडीएI