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Dehradun News: लो-वोल्टेज और बिजली कटौती का सामना कर रही 50 हजार की आबादी
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I-लोगों ने साहिया बाजार के लिए अलग फीडर बनाने की मांग की
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I-लोड बढ़ने पर अक्सर लाइन कर जाती है ट्रिपI
जौनसार बावर के केंद्र बिंदु साहिया बाजार और आसपास के 300 गांवों की आबादी महज दो फीडर पर आधारित है। इस कारण लोड अधिक होने पर अक्सर लाइन ट्रिप कर जाती है। लोगों को लो-वोल्टेज की समस्या से जूझना पड़ता है। कई बार घंटों बिजली कटौती का सामना करना पड़ता है। लोग लंबे समय से फीडर और ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
राज्य गठन के बाद साहिया बाजार और आसपास के क्षेत्र में आबादी बढ़ी। इसे देखते हुए साहिया में सब स्टेशन की स्थापना की गई। वर्तमान में सब स्टेशन में महज दो फीटर हैं। इससे साहिया बाजार और आसपास के 300 गांवों में बिजली की आपूर्ति की जाती है। बिजली की खपत बढ़ने पर अक्सर ट्रांसफार्मर के फ्यूज उड़ जाते हैं। 50 हजार की आबादी को बिजली कटौती झेलनी पड़ती है।
Iआए दिन लोगों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ता है। इसका असर कारोबार पर भी पड़ता है।
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I-विनोद भसीन, व्यापार मंडल अध्यक्ष साहियाI
Iअक्सर बिल गुल हो जाती है। लो-वोल्टेज की समस्या बनी रहती है। स्थानीय जनता लंबे समय से खासकर साहिया बाजार के लिए अलग फीडर बनाने की मांग कर रहे हैं।
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I-मोहन लाल शर्मा, पूर्व प्रधान साहिया
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Iलो-वोल्टेज के कारण रोजमर्रा के कामकाज निपटाना मुश्किल होता है। सबसे ज्यादा परेशानी छात्रों और गृहणियों को होती है।
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I-नीलम संवाई, प्रधान, साहिया
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Iबिजली की खपत को देखते हुए शासन को फीडर और ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया है।
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I-अशोक कुमार, एसडीओ, यूपीसीएलI
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I-लोड बढ़ने पर अक्सर लाइन कर जाती है ट्रिपI
जौनसार बावर के केंद्र बिंदु साहिया बाजार और आसपास के 300 गांवों की आबादी महज दो फीडर पर आधारित है। इस कारण लोड अधिक होने पर अक्सर लाइन ट्रिप कर जाती है। लोगों को लो-वोल्टेज की समस्या से जूझना पड़ता है। कई बार घंटों बिजली कटौती का सामना करना पड़ता है। लोग लंबे समय से फीडर और ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
राज्य गठन के बाद साहिया बाजार और आसपास के क्षेत्र में आबादी बढ़ी। इसे देखते हुए साहिया में सब स्टेशन की स्थापना की गई। वर्तमान में सब स्टेशन में महज दो फीटर हैं। इससे साहिया बाजार और आसपास के 300 गांवों में बिजली की आपूर्ति की जाती है। बिजली की खपत बढ़ने पर अक्सर ट्रांसफार्मर के फ्यूज उड़ जाते हैं। 50 हजार की आबादी को बिजली कटौती झेलनी पड़ती है।
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Iआए दिन लोगों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ता है। इसका असर कारोबार पर भी पड़ता है।
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I-विनोद भसीन, व्यापार मंडल अध्यक्ष साहियाI
Iअक्सर बिल गुल हो जाती है। लो-वोल्टेज की समस्या बनी रहती है। स्थानीय जनता लंबे समय से खासकर साहिया बाजार के लिए अलग फीडर बनाने की मांग कर रहे हैं।
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I-मोहन लाल शर्मा, पूर्व प्रधान साहिया
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Iलो-वोल्टेज के कारण रोजमर्रा के कामकाज निपटाना मुश्किल होता है। सबसे ज्यादा परेशानी छात्रों और गृहणियों को होती है।
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I-नीलम संवाई, प्रधान, साहिया
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Iबिजली की खपत को देखते हुए शासन को फीडर और ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया है।
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I-अशोक कुमार, एसडीओ, यूपीसीएलI