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राजभवन पहुंचा बोर्ड परीक्षाओं के निरस्त किए जाने का मामला

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jun 2020 05:51 PM IST
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The matter of cancellation of board examinations reached the Raj Bhavan.
माय सिटी रिपोर्टर देहरादून राज्य सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से प्रस्तावित बोर्ड परीक्षाओं के निरस्त कराए जाने का मामला राजभवन तक पहुंच गया है। उत्तराखंड क्रांति दल ने राज्यपाल को पत्र सौपकर मांग उठाई है कि कोरोना संकट को देखते हुए प्रस्तावित बोर्ड परीक्षाओं को ना सिर्फ निरस्त किया जाए, वरन औसत अंकों के आधार पर सभी छात्रों के पास फेल का भी निर्धारण किया जाए। उक्रांद पदाधिकारियों की ओर से राज्यपाल को सौंपा गए ज्ञापन में कहा गया है कि राज्य में कोरोना वायरस तेजी से पांव पसार रहा है और अब तक 1500 के करीब मरीज चिन्हित किए जा रहे हैं।कोरोना संकट के चलते तमाम गतिविधियों पर रोक लगाई गई है । स्कूल, कालेज समेत तमाम शैक्षणिक संस्थान बंद हैं। ऐसे में सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से बोर्ड परीक्षाओं को कराए जाने का निर्णय किसी भी तरीके से उचित नहीं ठहराया जा सकता है। राज्यपाल से अनुरोध किया गया है कि बच्चों को कोरोनावायरस के संक्रमण से बचाने के लिए हस्तक्षेप करते हुए बोर्ड परीक्षाओं को निरस्त करने संबंधी आदेश जारी करें। इतना ही नहीं पदाधिकारियों की ओर से सौपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि सीबीएसई बोर्ड के साथ ही देश के कई अन्य राज्यों में शिक्षा बोर्ड की ओर से परीक्षाएं नहीं कराई जा रही हैं तो ऐसे में उत्तराखंड में बोर्ड परीक्षाओं को लेकर इतनी जल्दबाजी क्यों की जा रही है। पदाधिकारियों का कहना है कि छात्र-छात्राओं का स्वास्थ्य पहली प्राथमिकता है बोर्ड परीक्षाएं तो बाद में भी कराई जा सकती हैं। पदाधिकारियों ने मांग उठाई है कि परीक्षाओं के स्थान पर छात्र-छात्राओं के अन्य विषयों के अंकों की औसत के आधार पर उनके पास फेल का निर्धारण किया जा सकता है। यदि बोर्ड परीक्षाएं करानी ही है तो कोरोना संकट का दौर समाप्त होने के बाद ही परीक्षाएं कराई जा सकती हैं ।सरकार को इस संबंध में और अधिक संवेदनशीलता दिखाने की जरूरत है। बता दें कि इससे पहले भी उक्रांद की ओर से मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को भी ज्ञापन सौंपकर इस संबंध में मांग उठाई जा चुकी है। लेकिन सरकार के स्तर पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है।
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