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युवती के परिजनों को नहीं पुलिस के खुलासे पर एतबार
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यूजेवीएनएल की संविदा कर्मचारी की मौत के बाद पुलिस ने जो खुलासा किया है, उस पर परिजन यकीन करने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि चाहे जो भी हो, बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती। शनिवार को परिजनों ने एसएसपी से मुलाकात की। कहा कि आरोपी से कड़ी पूछताछ हो और उसकी मोबाइल लोकेशन निकाली जाए तो सच बाहर आ जाएगा। परिजन अब भी हत्या की बात कह रहे हैं।
29 अगस्त को यूजेवीएनएल की संविदा कर्मचारी आकांक्षा का शव कौलागढ़ क्षेत्र में एक बिजली के टावर के नीचे पड़ा मिला था। टावर के एंगल से उसकी चुनरी पत्थर में बंधी हुई थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने दुष्कर्म के बाद हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था। पड़ताल हुई तो टिहरी निवासी पपेंद्र नाम के फौजी का नाम सामने आया। पपेंद्र को गिरफ्तार किया गया तो उसने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह आकांक्षा से दो साल पहले इंस्टाग्राम पर मिला था। इसके बाद दोनों के बीच प्यार हो गया और शादी का वादा करने लगे।
नवंबर में पपेंद्र की शादी कहीं और तय हो गई थी। घटना के दिन वह इसी बात को समझाने के लिए उसके पास आया था। आकांक्षा दफ्तर से निकली और दोनों एक होटल गए। पपेंद्र ने उसे समझाया और यह कहकर चला गया कि आगे से उससे बात नहीं करेगा। आकांक्षा शायद इसी से नाराज होकर फांसी लगाने चली गई। इस आधार पर पुलिस ने हत्या और दुष्कर्म की धाराएं हटाकर पपेंद्र को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
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मगर, परिजन पुलिस की इस थ्योरी पर विश्वास नहीं कर रहे हैं। वह अपने इस बिंदु को मजबूत तथ्य बता रहे हैं कि साढ़े आठ फीट के एंगल के सहारे उनकी बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती। उसे वहां लटकाया गया और फिर नीचे फेंक दिया गया। इस बात की पुष्टि आरोपी से कड़ी पूछताछ में हो सकती है। इसके अलावा तमाम बातें और भी उन्होंने एसएसपी को बताईं। एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने उचित जांच का आश्वासन दिया।
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29 अगस्त को यूजेवीएनएल की संविदा कर्मचारी आकांक्षा का शव कौलागढ़ क्षेत्र में एक बिजली के टावर के नीचे पड़ा मिला था। टावर के एंगल से उसकी चुनरी पत्थर में बंधी हुई थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने दुष्कर्म के बाद हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था। पड़ताल हुई तो टिहरी निवासी पपेंद्र नाम के फौजी का नाम सामने आया। पपेंद्र को गिरफ्तार किया गया तो उसने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह आकांक्षा से दो साल पहले इंस्टाग्राम पर मिला था। इसके बाद दोनों के बीच प्यार हो गया और शादी का वादा करने लगे।
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नवंबर में पपेंद्र की शादी कहीं और तय हो गई थी। घटना के दिन वह इसी बात को समझाने के लिए उसके पास आया था। आकांक्षा दफ्तर से निकली और दोनों एक होटल गए। पपेंद्र ने उसे समझाया और यह कहकर चला गया कि आगे से उससे बात नहीं करेगा। आकांक्षा शायद इसी से नाराज होकर फांसी लगाने चली गई। इस आधार पर पुलिस ने हत्या और दुष्कर्म की धाराएं हटाकर पपेंद्र को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
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मगर, परिजन पुलिस की इस थ्योरी पर विश्वास नहीं कर रहे हैं। वह अपने इस बिंदु को मजबूत तथ्य बता रहे हैं कि साढ़े आठ फीट के एंगल के सहारे उनकी बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती। उसे वहां लटकाया गया और फिर नीचे फेंक दिया गया। इस बात की पुष्टि आरोपी से कड़ी पूछताछ में हो सकती है। इसके अलावा तमाम बातें और भी उन्होंने एसएसपी को बताईं। एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने उचित जांच का आश्वासन दिया।