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Dehradun News: किशोरी से दुष्कर्म करने वाले को 10 साल कठोर कारावास
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I-स्पेशल पोक्सो जज अर्चना सागर की कोर्ट ने सुनाया फैसला
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I-2021 को ऋषिकेश कोतवाली में दर्ज किया गया था मुकदमाI
किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को स्पेशल पोक्सो जज अर्चना सागर की कोर्ट ने 10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर विभिन्न धाराओं में 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और पीड़िता को बतौर प्रतिकर एक लाख रुपये दिलाने के आदेश भी दिए हैं। दोषी को न्यायालय परिसर से हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है।
शासकीय अधिवक्ता अल्पता थापा ने बताया कि आठ मार्च 2021 को ऋषिकेश कोतवाली में एक व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि दो दिन पहले उनकी बेटी स्कूल गई और फिर लापता हो गई। उस वक्त वह 11वीं की छात्रा थी। पुलिस ने गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज करते हुए जांच शुरू की। उसी साल 12 मार्च को सुमित पैन्यूली निवासी गणपति विहार कैनाल रोड श्यामपुर गुमानीवाला ऋषिकेश पकड़ में आ गया। पुलिस ने तब पीड़िता को भी बरामद किया। दुष्कर्म और पोक्सो की धाराएं जोड़ते हुए पुलिस ने कोर्ट में 27 मार्च 2021 को चार्जशीट दाखिल कर दी।
इसके बाद यह मामला ट्रायल पर आया। पीड़िता ने बताया कि सुमित से फेसबुक के जरिए संपर्क हुआ था। पीड़िता ने खुद को बालिग बताया और दुष्कर्म से इन्कार कर दिया। हालांकि, पीड़िता के इस बयान को गलत मानते हुए कोर्ट ने शैक्षिक दस्तावेजों के आधार पर उसे नाबालिग माना और सुमित पैन्यूली को सजा सुनाई।
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I-2021 को ऋषिकेश कोतवाली में दर्ज किया गया था मुकदमाI
किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को स्पेशल पोक्सो जज अर्चना सागर की कोर्ट ने 10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर विभिन्न धाराओं में 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और पीड़िता को बतौर प्रतिकर एक लाख रुपये दिलाने के आदेश भी दिए हैं। दोषी को न्यायालय परिसर से हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है।
शासकीय अधिवक्ता अल्पता थापा ने बताया कि आठ मार्च 2021 को ऋषिकेश कोतवाली में एक व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि दो दिन पहले उनकी बेटी स्कूल गई और फिर लापता हो गई। उस वक्त वह 11वीं की छात्रा थी। पुलिस ने गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज करते हुए जांच शुरू की। उसी साल 12 मार्च को सुमित पैन्यूली निवासी गणपति विहार कैनाल रोड श्यामपुर गुमानीवाला ऋषिकेश पकड़ में आ गया। पुलिस ने तब पीड़िता को भी बरामद किया। दुष्कर्म और पोक्सो की धाराएं जोड़ते हुए पुलिस ने कोर्ट में 27 मार्च 2021 को चार्जशीट दाखिल कर दी।
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इसके बाद यह मामला ट्रायल पर आया। पीड़िता ने बताया कि सुमित से फेसबुक के जरिए संपर्क हुआ था। पीड़िता ने खुद को बालिग बताया और दुष्कर्म से इन्कार कर दिया। हालांकि, पीड़िता के इस बयान को गलत मानते हुए कोर्ट ने शैक्षिक दस्तावेजों के आधार पर उसे नाबालिग माना और सुमित पैन्यूली को सजा सुनाई।
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