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ऐतरेहासिक जार्ज एवरेस्ट हाउस को जाने वाले मार्ग की हालत खराब, गंदगी के ढेर से पर्यटक परेशान,

Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 13 May 2022 10:24 PM IST
The condition of the road leading to the historic George Everest House deteriorated, tourists upset due to piles of dirt,
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दुनिया की जिस सबसे ऊंची चोटी का नाम माउंट एवरेस्ट रखा गया था, उन्हीं का आवास और प्रयोगशाला पिछले तीन साल में भी उत्तराखंड का पर्यटन विभाग तैयार नहीं कर पाया है। पिछले विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने के कुछ दिन ही पूर्व तत्कालीन पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने आधे अधूरे कार्यों का लोकार्पण किया था, लेकिन आज तक विकास कार्य अधूरे पड़े हैं।
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जार्ज एवरेस्ट पहाड़ों की रानी मसूरी में एक दशक से ज्यादा समय तक रहते हुए घर और प्रयोगशाला का निर्माण हाथी पांव में किया था। चार जुलाई 1790 को क्रिकवेल (युनाइटेड किंगडम) में जन्मे और 1830 से 1843 तक भारत के सर्वेयर जनरल रहे जार्ज ने इसी आवास और प्रयोगशाला में वर्ष 1832 से 1843 तक सबसे ऊंची चोटियों की खोज कर मानचित्र में स्थान दिया था। वेल्स के इस सर्वेयर एवं जियोग्राफर ने पहली बार एवरेस्ट की सही ऊंचाई और लोकेशन बताई थी। ब्रिटिश सर्वेक्षक एंड्रयू वां की सिफारिश पर 1865 में माउंट एवरेस्ट का नाम सर जार्ज एवरेस्ट के नाम पर किया गया था। इससे पहले माउंट एवरेस्ट को तिब्बती चोमोलुंग्मा और नेपाली सागरमाथा कहते थे।

सर जार्ज रायल आर्टिलरी के प्रशिक्षित कैडेट्स भी थे। उनके घर को सर जार्ज एवरेस्ट हाउस एंड प्रयोगशाला या फिर पार्क हाउस के नाम से भी लोग जानते है। उनके घर से दून और अगलाड घाटी संग बर्फ की सफेद चादर में लिपटा हिमालय का दृश्य दिखाई देता है, लेकिन खंडहर में तब्दील हो चुके हाउस के जीर्णोद्धार के लिए उत्तराखंड सरकार ने 2019 में योजना शुरू की थी, लेकिन योजना का कार्य आज तक पूरा नहीं हुआ। जार्ज एवरेस्ट जाने वाले मार्ग की खराब हालत और गंदगी से पर्यटकों में मायूसी देखी जा सकती है। संवाद
साढ़े 23 करोड़ से होने थे विकास कार्य
उत्तराखंड पर्यटन संरचना विकास निवेश कार्यक्रम के तहत एशियन बैंक की वित्तीय सहायता से सर जार्ज एवरेस्ट हैरिटेज पार्क परियोजना के जीर्णोद्धार के लिए 23 करोड़ 69 लाख, 47 हजार 336 रुपये शासन ने स्वीकृत करते हुए 18 जनवरी 2019 को कार्य शुरू हुए थे। योजना के तहत हाउस में कई कार्य कराए जाने थे, लेकिन अभी तक अधिकांश कार्य पूरे नहीं हुए हैं।
कई कार्य पूरे, लेकिन अभी भी कई अधूरे
जीर्णोद्धार कार्य के प्रोजेक्ट आर्किटेक्ट हरेंद्र चौहान ने बताया कि सिविल कार्य करीब सौ फीसदी पूरे कर लिए गए हैं और कई कार्यों पर काम अभी भी चल रहा है। बताया कि जार्ज एवरेस्ट हाउस में कार्टोग्राफिक संग्रहालय में राधानाथ, नैन सिंह रावत और किशन सिंह रावत के ऐतिहासिक योगदान की जानकारी मिलेगी। साथ ही संग्रहालय में आधुनिक तकनीक के अनुसार सर्वेक्षण तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसी साल 31 अक्तूबर 2022 से पहले कार्य पूरे कर लिए जाएंगे।
सात दिसंबर 2021 को किया गया था लोकार्पण
उत्तराखंड के तत्कालीन पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने सात दिसंबर 2021 को लोकार्पण किया था, जिससे शहर में कई सवाल उठ खड़े हुए थे। कांग्रेस प्रदेश महामंत्री मनमोहन सिंह मल्ल ने कहा कि सतपाल महाराज ने चुनावी लाभ लेने के लिए आधे अधूरे कार्यों का लोकार्पण किया था, जिससे अभी तक कार्य पूर्ण ही नहीं हुए हैं। कहा कि म्यूजियम, सड़क नहीं बनी, साथ ही फेसिंग कार्य अधूरा है।
मुख्य मार्ग की हालत बेहद खराब
अंतरराष्ट्रीय धरोहर जार्ज एवरेस्ट हाउस जाने वाला मुख्य मार्ग की हालत खतरनाक है। मार्ग पर दोपहिया और चार पहिया वाहनों को ले जाना किसी दुर्घटना को दावत देना है। रास्ते में बड़े-बड़े गड्ढे लोगों की समस्या बढ़ा रहे हैं। आवास को सजाने-संवारने के लिए भले ही करोड़ों बहाए जा रहे, जार्ज एवरेस्ट को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग को सुधारने की पहल न तो पालिका ने की और न ही पर्यटन विभाग द्वारा कोई कार्य किया गया है।
देसी-विदेशी सैलानी दीदार को यहां आते हैं
जार्ज एवरेस्ट हाउस को देखने के लिए देसी-विदेशी सैलानी पहुंचते हैं, लेकिन यहां गंदगी के ढेर लोगों के मुंह चिढ़ा रहे हैं। आवारा पशुओं द्वारा गंदगी फैलाई जा रही है, जिससे जार्ज एवरेस्ट सहित मसूरी की छवि खराब हो रही। जिला पर्यटन अधिकारी ने बताया कि जार्ज एवरेस्ट हाउस की 172 एकड़ की भूमि की सफाई व्यवस्था के लिए एक अस्थायी सफाई कर्मी रखा गया है। साथ ही चौकीदार भी रखे गए हैं। सफाई व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
शेष बचे कार्यों को जल्द पूरा करने के लिए पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और विभाग के अफसरों से वार्ता कर कार्यों की प्रगति रिपोर्ट मांगी जाएगी। ऐतिहासिक धरोहर को सजाने संवारने के लिए राज्य सरकार गंभीर है। मार्ग की खराब हालत और जार्ज एवरेस्ट क्षेत्र में पसरी गंदगी पर नाराजगी जताई।
- गणेश जोशी, कैबिनेट मंत्री
मुख्य मार्ग से जार्ज एवरेस्ट जाने वाला मार्ग पालिका की संपत्ति है। पालिका ने पर्यटन विभाग को मार्ग को ठीक करने की सहमति दी है। मार्ग के सुधारीकरण और पार्किंग लिए प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा गया है, बजट मंजूर होते ही मार्ग और पार्किंग का निर्माण किया जाएगा।
- जसपाल सिंह चौहान, जिला पर्यटन अधिकारी

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